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सुखरौ पट्टी के एक दर्जन गांवों तक नहीं पहुंच रहा सिंचाई का पानी
Updated Fri, 22 Sep 2017 09:59 PM IST
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कोटद्वार। गत तीन और चार अगस्त की रात को कोटद्वार क्षेत्र में बादल फटने से आया मलबा दाईं खोह नहर में भर गया था। अब स्थानीय लोगों के खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। इसकी मरम्मत को लेकर उपप्रधान संघ दुगड्डा ने डीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि सुखरो पट्टी के करीब दर्जनभर गांवों में सिंचाई का पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इससे उनकी धान की फसल नष्ट होने के कगार पर है।
शुक्रवार को किसान नेता पातीराम ध्यानी, उपप्रधान संघ के अध्यक्ष विजय ध्यानी, वीरेंद्र थलेड़ी, विद्याधर गौड़, विजय धस्माना, दारा सिंह रावत, बुद्धिराम थलेड़ी, संजय रावत व मदन रावत ने एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि दाईं खो नदी सुखरो क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई करने का एकमात्र साधन है। गत तीन-चार अगस्त की रात को आई आपदा से खो नहर मलबे से पट गई और कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। ऐसे में किसानों को फसल की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। बिना पानी धान की फसल खराब हो रही है।
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर यदि सिंचाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए विवश होंगे। उन्होंने मांग की है कि शीघ्र ही खो नहर की सफाई व मरम्मत का कार्य करवाया जाए, जिससे किसानों को राहत मिल सके।
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शुक्रवार को किसान नेता पातीराम ध्यानी, उपप्रधान संघ के अध्यक्ष विजय ध्यानी, वीरेंद्र थलेड़ी, विद्याधर गौड़, विजय धस्माना, दारा सिंह रावत, बुद्धिराम थलेड़ी, संजय रावत व मदन रावत ने एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा। कहा कि दाईं खो नदी सुखरो क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई करने का एकमात्र साधन है। गत तीन-चार अगस्त की रात को आई आपदा से खो नहर मलबे से पट गई और कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। ऐसे में किसानों को फसल की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। बिना पानी धान की फसल खराब हो रही है।
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जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर यदि सिंचाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए विवश होंगे। उन्होंने मांग की है कि शीघ्र ही खो नहर की सफाई व मरम्मत का कार्य करवाया जाए, जिससे किसानों को राहत मिल सके।
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