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आसमान में बादल देखते ही सहम जाते हें नयागांव के लोग
Updated Mon, 07 Aug 2017 10:29 PM IST
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कोटद्वार। प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा ग्राम पंचायत बलभद्रपुर के नया गांव के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांव के बीच से गुजरने वाले बरसाती नाले पर अतिक्रमण के चलते जरा सी बारिश होने पर बरसाती पानी लोगों के घरों में घुस रहा है। लोग पिछले दो वर्ष से प्रशासन से नाले को अतिक्रमण से मुक्त करने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की बेरुखी के चलते आसमान में बादल देखते ही ग्रामीण सहम जाते हैं।
तीन अगस्त की रात को अतिक्रमण के कारण चार ग्राम पंचायतों ध्रुवपुर, लालपुर, पदमपुर और शिब्बूनगर से बहकर आने वाले बरसाते नाले का पानी एक बार फिर से नयागांव की ओर डायवर्ट हो गया। इसके कारण गांव के करीब 20 घरों में बरसाती पानी ने कहर बरपा दिया। लोगों के घरों में तीन से चार फीट तक पानी घुस जाने से उनके घर का सभी सामान मलबे में खराब हो गया। वर्तमान में प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिलने के कारण लोगों को अन्य घरों में शरण लेनी पड़ रही है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र बिष्ट, धर्मेंद्र जदली, हरपाल सिंह, भारत सिंह रावत व महिपाल सिंह नेगी ने प्रशासन पर ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर नौ और दस नयागांव में पिछले दो वर्षों से नाले पर अतिक्रमण से लोगों के घरों में घुसने की शिकायत की जा रही है। गत वर्ष तहसीलदार, पटवारी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके पर जांच कर इसकी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंप दी थी। रिपोर्ट में राजस्व नक्शे के अनुसार बरसाती नाले पर कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की पुष्टि की गई थी, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं हटाया। तीन अगस्त की आपदा में उनका पूरा सामान खराब हो गया है। अभी तक उन्हें प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की मदद नहीं मिली है। घर के अंदर मलबा भरा होने के कारण वे किसी अन्य के घर में गुजारा करने को मजबूर हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
यह बात सही है कि नाले पर अतिक्रमण के कारण पानी गांव की ओर जा रहा है। पीडब्लूडी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मौके का मुआयना किया गया है। नाले पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बरसात के बाद की जाएगी। फिलहाल समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
- राकेश तिवारी, एसडीएम कोटद्वार।
-फोटो
तीन अगस्त की रात को अतिक्रमण के कारण चार ग्राम पंचायतों ध्रुवपुर, लालपुर, पदमपुर और शिब्बूनगर से बहकर आने वाले बरसाते नाले का पानी एक बार फिर से नयागांव की ओर डायवर्ट हो गया। इसके कारण गांव के करीब 20 घरों में बरसाती पानी ने कहर बरपा दिया। लोगों के घरों में तीन से चार फीट तक पानी घुस जाने से उनके घर का सभी सामान मलबे में खराब हो गया। वर्तमान में प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की सहायता नहीं मिलने के कारण लोगों को अन्य घरों में शरण लेनी पड़ रही है।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र बिष्ट, धर्मेंद्र जदली, हरपाल सिंह, भारत सिंह रावत व महिपाल सिंह नेगी ने प्रशासन पर ग्रामीणों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर नौ और दस नयागांव में पिछले दो वर्षों से नाले पर अतिक्रमण से लोगों के घरों में घुसने की शिकायत की जा रही है। गत वर्ष तहसीलदार, पटवारी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके पर जांच कर इसकी रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंप दी थी। रिपोर्ट में राजस्व नक्शे के अनुसार बरसाती नाले पर कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमण किए जाने की पुष्टि की गई थी, लेकिन उसके बाद भी प्रशासन ने अतिक्रमण नहीं हटाया। तीन अगस्त की आपदा में उनका पूरा सामान खराब हो गया है। अभी तक उन्हें प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की मदद नहीं मिली है। घर के अंदर मलबा भरा होने के कारण वे किसी अन्य के घर में गुजारा करने को मजबूर हैं।
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क्या कहते हैं अधिकारी
यह बात सही है कि नाले पर अतिक्रमण के कारण पानी गांव की ओर जा रहा है। पीडब्लूडी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मौके का मुआयना किया गया है। नाले पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया बरसात के बाद की जाएगी। फिलहाल समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
- राकेश तिवारी, एसडीएम कोटद्वार।
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