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पर्वतीय क्षेत्र के अनुरुप बने डीडीए की नियमावली
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कोटद्वार। भाजपा की जिला, नगर इकाई व व्यापार मंडल समेत विभिन्न संगठनों ने शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से मुलाकात कर पौड़ी जिले के कोटद्वार में जिला विकास प्राधिकरण के मानकों को पर्वतीय क्षेत्र के अनुरूप संशोधित करने की मांग की है।
हंस फाउंडेशन के प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट की अगुवाई में भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष गोविंद लड्डा, नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री लाजपतराय भाटिया, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के अध्यक्ष मुकेश मल्होत्रा समेत कई लोग देहरादून में शहरी विकास मंत्री से मिले। इन संगठनों ने जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की नियमावली की विसंगतियों को संशोधित करने की मांग उठाई। कहा कि सरकार ने कोटद्वार नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र दुगड्डा, आमसौड़ से पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य के मार्गों के 200 मीटर की सीमा को डीडीए की परिधि में नोटिफाइड किया है। यह पूरा पर्वतीय भूभाग है। सरकार की ओर से भवन उपविधि के तहत कोटद्वार नगर पालिका क्षेत्र को मैदानी घोषित किया गया है, जबकि राजस्व अभिलेखों में यह पर्वतीय भूभाग है। कामर्शियल मानचित्र पास कराने में इतनी जटिलताएं हैं कि लोगों को पौड़ी के विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने कामर्शियल भवनों के मानचित्र पास करने का अधिकार भी कोटद्वार में संयुक्त सचिव/एसडीएम को देने की मांग की। इन संगठनों ने कोटद्वार की जनता की ओर से शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन भी सौंपे। बताया कि मंत्री ने उनकी बात सहानुभूतिपूर्वक सुनी और जल्द ही एक शीर्ष अधिकारियों को इन जटिलताओं के अध्ययन और सरलीकरण के लिए कोटद्वार भेजने का भरोसा दिलाया।
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हंस फाउंडेशन के प्रभारी पदमेंद्र सिंह बिष्ट की अगुवाई में भाजपा के जिला कोषाध्यक्ष गोविंद लड्डा, नगर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री लाजपतराय भाटिया, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के अध्यक्ष मुकेश मल्होत्रा समेत कई लोग देहरादून में शहरी विकास मंत्री से मिले। इन संगठनों ने जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए) की नियमावली की विसंगतियों को संशोधित करने की मांग उठाई। कहा कि सरकार ने कोटद्वार नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र दुगड्डा, आमसौड़ से पूर्व राष्ट्रीय राजमार्ग व राज्य के मार्गों के 200 मीटर की सीमा को डीडीए की परिधि में नोटिफाइड किया है। यह पूरा पर्वतीय भूभाग है। सरकार की ओर से भवन उपविधि के तहत कोटद्वार नगर पालिका क्षेत्र को मैदानी घोषित किया गया है, जबकि राजस्व अभिलेखों में यह पर्वतीय भूभाग है। कामर्शियल मानचित्र पास कराने में इतनी जटिलताएं हैं कि लोगों को पौड़ी के विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने कामर्शियल भवनों के मानचित्र पास करने का अधिकार भी कोटद्वार में संयुक्त सचिव/एसडीएम को देने की मांग की। इन संगठनों ने कोटद्वार की जनता की ओर से शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन भी सौंपे। बताया कि मंत्री ने उनकी बात सहानुभूतिपूर्वक सुनी और जल्द ही एक शीर्ष अधिकारियों को इन जटिलताओं के अध्ययन और सरलीकरण के लिए कोटद्वार भेजने का भरोसा दिलाया।
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