फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   देश में मॉब लिंचिंग रोकने को बने सख्त कानून

देश में मॉब लिंचिंग रोकने को बने सख्त कानून

Fri, 05 Jul 2019 10:40 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2019 10:40 PM IST
विज्ञापन
देश में मॉब लिंचिंग रोकने को बने सख्त कानून
कोटद्वार। बहुजन क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने देश में हो रहे अमानवीय मॉब लिंचिंग की घटनाओं का विरोध करते हुए मॉब लिंचिंग विरोधी कानून बनाकर उसमें लिप्त आरोपियों को फांसी की सजा देने समेत सात सूत्री मांगों के निराकरण की मांग उठाई है। मांगों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
विज्ञापन

शुक्रवार को बहुजन क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ता तहसील में एकत्र हुए। यहां उन्होंने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि देश में गत चार साल में मानवता को शर्मशार करने वाली 266 मॉब लिंचिंग की घटनाई हुई हैं। इन घटनाओं में अकेले झारखंड राज्य में 18 मॉब लिंचिंग की घटनाएं हुई, जो कि एक तरह का राजनीतिक षड्यंत्र है। ज्ञापन में मॉब लिंचिंग विरोधी कानून बनाकर उसमें लिप्त आरोपियों को फांसी की सजा देने, मॉब लिंचिंग के आरोपी पप्पू मंडल और उसके साथियों को अविलंब गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए फांसी की सजा देने, मॉब लिंचिंग के पीड़ित तरबेज अंसारी की पत्नी को सरकारी नौकरी देने और उसके परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा देने, मॉब लिंचिंग में शामिल राजनीतिक दल, संस्था और संगठन की मान्यता रद्द करने, एससी, एसटी, ओबीसी और धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के हितों के लिए कानून बनाने, मॉब लिंचिंग के दोषियों को बचाने वाले पुलिस कर्मियों को तत्काल बर्खास्त करने व वायलेंस प्रिंवेंशन एक्ट फॉर मायनॉरिटी का निर्माण करने की मांग की गई।
विज्ञापन

ज्ञापन देने वालों में मोर्चा के अध्यक्ष श्यामलाल खंतवाल, महेश चंद्र, दिनेश चंद्र, जगत सिंह, कन्हैयालाल, इंद्रमोहन, सतीश ओडवाल, पुष्कर सिंह, मो. कासिम, मदनलाल आर्य, शिव कुमार व कुलदीप आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


-फोटो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed