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एचआरडी मिनिस्ट्री में अटकी कोटद्वार केंद्रीय विद्यालय की फाइल
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कोटद्वार। कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय के संचालन के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन ने हरी झंडी दे दी है। संगठन द्वारा केंद्रीय विद्यालय की फाइल को मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार को भेज दिया गया है।
कोटद्वार भाबर सैनिक बाहुल्य क्षेत्र है। यहां करीब 70 फीसदी परिवार पूर्व सैनिकों के हैं। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से तंग आकर वर्षों से पूर्व सैनिक कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग कर रहे हैं। इस बीच काशीरामपुर तल्ला में केंद्रीय विद्यालय के भूमि चयनित की गई, लेकिन वहां बात नहीं बन पाई। इसके बाद मामला लटकता चला गया। अंत में भाबर क्षेत्र के पश्चिमी झंडीचौड़ में केंद्रीय विद्यालय के लिए आठ एकड़ जमीन देखी गई। इसके बाद सरकार द्वारा शिक्षा विभाग को झंडीचौड़ में विद्यालय भवन बनने से पहले अस्थायी रूप से विद्यालय के संचालन के लिए सरकारी भवन तलाशने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत शिक्षा विभाग ने राजकीय इंटर कालेज कण्वघाटी के नवनिर्मित भवन का चयन किया।
गत 25 अप्रैल को केंद्रीय विद्यालय संगठन की पांच सदस्यों वाली टीम ने कोटद्वार के झंडीचौड़ और जीआईसी कण्वघाटी के भवन का स्थलीय निरीक्षण किया था। तब से लोगों की कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय के संचालन की उम्मीदें बढ़ गईं।
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उधर, केंद्रीय विद्यालय संगठन टीम के सदस्य केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य डीएस नेगी ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से कोटद्वार में विद्यालय संचालन करने की संस्तुति के साथ फाइल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेज दी गई है। अब देश के शिक्षा मंत्री की स्वीकृति के बाद ही कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय शुरू किया जा सकता है।
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कोटद्वार भाबर सैनिक बाहुल्य क्षेत्र है। यहां करीब 70 फीसदी परिवार पूर्व सैनिकों के हैं। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से तंग आकर वर्षों से पूर्व सैनिक कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग कर रहे हैं। इस बीच काशीरामपुर तल्ला में केंद्रीय विद्यालय के भूमि चयनित की गई, लेकिन वहां बात नहीं बन पाई। इसके बाद मामला लटकता चला गया। अंत में भाबर क्षेत्र के पश्चिमी झंडीचौड़ में केंद्रीय विद्यालय के लिए आठ एकड़ जमीन देखी गई। इसके बाद सरकार द्वारा शिक्षा विभाग को झंडीचौड़ में विद्यालय भवन बनने से पहले अस्थायी रूप से विद्यालय के संचालन के लिए सरकारी भवन तलाशने के निर्देश दिए गए थे। इसके तहत शिक्षा विभाग ने राजकीय इंटर कालेज कण्वघाटी के नवनिर्मित भवन का चयन किया।
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गत 25 अप्रैल को केंद्रीय विद्यालय संगठन की पांच सदस्यों वाली टीम ने कोटद्वार के झंडीचौड़ और जीआईसी कण्वघाटी के भवन का स्थलीय निरीक्षण किया था। तब से लोगों की कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय के संचालन की उम्मीदें बढ़ गईं।
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उधर, केंद्रीय विद्यालय संगठन टीम के सदस्य केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य डीएस नेगी ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन की ओर से कोटद्वार में विद्यालय संचालन करने की संस्तुति के साथ फाइल केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेज दी गई है। अब देश के शिक्षा मंत्री की स्वीकृति के बाद ही कोटद्वार में केंद्रीय विद्यालय शुरू किया जा सकता है।