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सेना भर्ती रैली में फर्जी कागजातों के साथ धरे गए चार मुन्ना भाई
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कोटद्वार। कोटद्वार के गबर सिंह कैंप में आयोजित भर्ती रैली में सेना के जवानों ने भर्ती होने आए उत्तर प्रदेश के चार युवकों को फर्जी प्रमाणपत्रों के साथ धर दबोचा। सेना के अधिकारियों ने उनके पास से कोटद्वार के फर्जी मूल निवास प्रमाणपत्र और भर्ती प्रवेशपत्र बरामद किए हैं। आर्मी के अधिकारियों ने उन्हें आर्मी इंटेलीजेंस के हवाले कर दिया।
सोमवार को तड़के काशीरामपुर तल्ला से भर्ती के लिए युवाओं की इंट्री हो रही थी। इंट्री के बाद युवा प्रवेशपत्र के बार कोड की जांच के लिए लाइन पर लगे हुए थे। इतने में ड्यूटी पर तैनात सेना के जवानों को लाइन पर लगे चार युवाओं पर शक हुआ। उन्होंने उनसे गढ़वाली भाषा में कुछ पूछा, लेकिन वे जवाब नहीं दे पाए। उनकी जुबान खुलते ही वे यूपी की भाषा बोलने लगे। इससे पहले वे भर्ती में भाग ले पाते, आर्मी के जवानों ने उन्हें धर दबोचा और अधिकारियों के समक्ष पेश कर दिया। उनके दस्तावेजों की जांच करने पर उनके कोटद्वार के बने मूल निवास और आर्मी भर्ती प्रवेशपत्र भी फर्जी पाए गए। आर्मी के अधिकारियों ने चारों मुन्ना भाइयों को आर्मी इंटेलीजेंस के हवाले कर दिया।
सेना भर्ती अधिकारी विनीत बाजपेयी ने बताया कि चारों युवकों से कड़ाई के साथ पूछताछ करने के बाद उन्होंने अपना परिचय गोवर्धन चौराहा मथुरा यूपी निवासी सोहन सिंह पुत्र लाल सिंह, सरोरा बागपत यूपी निवासी मनीष पुत्र विक्रम सिंह, सरोरा बागपत यूपी निवासी सचिन कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह और तमीलगढ़ी बागपत निवासी वरुण पुत्र मुकेश बताया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि अलीगढ़ के दलालों ने पांच-पांच हजार रुपये लेकर उनके फर्जी मूल निवास और प्रवेशपत्र बनाए हैं। सेना भर्ती अधिकारी विनीत बाजपेयी ने युवाओं से दलालों से सावधान रहने की अपील की है।
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सोमवार को तड़के काशीरामपुर तल्ला से भर्ती के लिए युवाओं की इंट्री हो रही थी। इंट्री के बाद युवा प्रवेशपत्र के बार कोड की जांच के लिए लाइन पर लगे हुए थे। इतने में ड्यूटी पर तैनात सेना के जवानों को लाइन पर लगे चार युवाओं पर शक हुआ। उन्होंने उनसे गढ़वाली भाषा में कुछ पूछा, लेकिन वे जवाब नहीं दे पाए। उनकी जुबान खुलते ही वे यूपी की भाषा बोलने लगे। इससे पहले वे भर्ती में भाग ले पाते, आर्मी के जवानों ने उन्हें धर दबोचा और अधिकारियों के समक्ष पेश कर दिया। उनके दस्तावेजों की जांच करने पर उनके कोटद्वार के बने मूल निवास और आर्मी भर्ती प्रवेशपत्र भी फर्जी पाए गए। आर्मी के अधिकारियों ने चारों मुन्ना भाइयों को आर्मी इंटेलीजेंस के हवाले कर दिया।
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सेना भर्ती अधिकारी विनीत बाजपेयी ने बताया कि चारों युवकों से कड़ाई के साथ पूछताछ करने के बाद उन्होंने अपना परिचय गोवर्धन चौराहा मथुरा यूपी निवासी सोहन सिंह पुत्र लाल सिंह, सरोरा बागपत यूपी निवासी मनीष पुत्र विक्रम सिंह, सरोरा बागपत यूपी निवासी सचिन कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह और तमीलगढ़ी बागपत निवासी वरुण पुत्र मुकेश बताया। उन्होंने पूछताछ में बताया कि अलीगढ़ के दलालों ने पांच-पांच हजार रुपये लेकर उनके फर्जी मूल निवास और प्रवेशपत्र बनाए हैं। सेना भर्ती अधिकारी विनीत बाजपेयी ने युवाओं से दलालों से सावधान रहने की अपील की है।
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