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लैंसडौन से सरकारी कार्यालय शिफ्ट हुए तो अनशन करेंगे विधायक
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लैंसडौन। सरकारी कार्यालयों के एक के बाद एक लैंसडौन से खिसकने के कारण नगर का व्यापार चौपट होता जा रहा है। इससे लोगों में शासन के प्रति गहरा रोष है। इन दिनों नगर में सेवायोजन कार्यालय के कोटद्वार शिफ्ट होने की चर्चाएं जोरों पर हैं। यह कार्यालय एक निजी भवन पर किराए पर संचालित हो रहा था। निचली अदालत में भवन खाली करने का मुकदमा भवन स्वामी के पक्ष में आने से इसके अन्यत्र शिफ्ट होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय व लैंसडौन वन प्रभाग के उपप्रभागीय कार्यालय के मामले में वह सेवायोजन व वन मंत्री से मुलाकात कर प्रभावी कदम उठाने की मांग करेंगे। यदि जरूरत पड़ी तो अनशन का रास्ता भी अपनाने से नहीं हिचकेंगे।
लैंसडौन स्थित उपप्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय लैंसडौन का मामला भी इन दिनों चर्चाओें में है। कुछ माह पूर्व इस कार्यालय के दुगड्डा से संचालित होने पर उठे जनविरोध के बाद कार्यालय लैंसडौन से संचालित होने लगा था। अब फिर से इस कार्यालय के दुगड्डा कोटद्वार से संचालित होने की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि कार्यालयों के स्थानांतरण से आसपास के गांवों से तेजी से पलायन होता जा रहा है और इसका असर नगर के विकास कार्यों और व्यापार पर पड़ रहा है। भाजपा के नगर महामंत्री मुकेश अग्रवाल ने उपप्रभागीय कार्यालय के दुगड्डा व कोटद्वार से संचालन किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के लिए लैंसडौन या जयहरीखाल में भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी की। विधायक प्रतिनिधि सूर्यदेव शाह ने कहा कि भाजपा के इसी क्षेत्र के कद्दावर नेता जो लैंसडौन क्षेत्र का भी प्रतिनिधित्व करते रहे हैं, वह इस समय वनप्रभाग व सेवायोजन विभाग के मंत्री हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं व लोगों की इच्छाओं के अनुरूप उनसे इन मामलों का निस्तारण करने का आग्रह किया गया है। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि सेवायोजन कार्यालय लैंसडौन या इसके नजदीक जयहरीखाल से ही संचालित हो। ऐसा न होने पर वह अनशन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे। उन्होंने लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार से संचांलित हो रहे कार्यालय को लैंसडौन लाए जाने की मांग वन मंत्री से की है।
उधर, उपप्रभागीय वनाधिकारी ओमप्रकाश ने उपप्रभागीय वन कार्यालय दुगड्डा से संचालित होने की बात को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि यह कार्यालय लैंसडौन से ही संचालित हो रहा है।
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लैंसडौन स्थित उपप्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय लैंसडौन का मामला भी इन दिनों चर्चाओें में है। कुछ माह पूर्व इस कार्यालय के दुगड्डा से संचालित होने पर उठे जनविरोध के बाद कार्यालय लैंसडौन से संचालित होने लगा था। अब फिर से इस कार्यालय के दुगड्डा कोटद्वार से संचालित होने की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि कार्यालयों के स्थानांतरण से आसपास के गांवों से तेजी से पलायन होता जा रहा है और इसका असर नगर के विकास कार्यों और व्यापार पर पड़ रहा है। भाजपा के नगर महामंत्री मुकेश अग्रवाल ने उपप्रभागीय कार्यालय के दुगड्डा व कोटद्वार से संचालन किए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय के लिए लैंसडौन या जयहरीखाल में भूमि उपलब्ध कराने की मांग भी की। विधायक प्रतिनिधि सूर्यदेव शाह ने कहा कि भाजपा के इसी क्षेत्र के कद्दावर नेता जो लैंसडौन क्षेत्र का भी प्रतिनिधित्व करते रहे हैं, वह इस समय वनप्रभाग व सेवायोजन विभाग के मंत्री हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं व लोगों की इच्छाओं के अनुरूप उनसे इन मामलों का निस्तारण करने का आग्रह किया गया है। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि सेवायोजन कार्यालय लैंसडौन या इसके नजदीक जयहरीखाल से ही संचालित हो। ऐसा न होने पर वह अनशन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे। उन्होंने लैंसडौन वन प्रभाग के कोटद्वार से संचांलित हो रहे कार्यालय को लैंसडौन लाए जाने की मांग वन मंत्री से की है।
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उधर, उपप्रभागीय वनाधिकारी ओमप्रकाश ने उपप्रभागीय वन कार्यालय दुगड्डा से संचालित होने की बात को खारिज किया है। उन्होंने बताया कि यह कार्यालय लैंसडौन से ही संचालित हो रहा है।
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