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मानसून सत्र के कारण मालन नदी में खनन, चुगान बंद
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कोटद्वार। कोटद्वार की मालन नदी में उत्तराखंड वन विकास निगम का खनन, चुगान कार्य मानसून सत्र के कारण शुक्रवार शाम को बंद कर दिया गया।
इस बार वन निगम को 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 28579 घनमीटर आरबीएम खनन और चुगान की अनुमति मिली थी। जिसके सापेक्ष वन निगम इन दो महीनों में केवल आधा आवंटन 14341 घनमीटर ही बेच सका । अवशेष आवंटन के लिए वन निगम मानसूत्र सत्र के बाद फिर से अनुमति हासिल करेगा। वन निगम के अधिकारियों की माने तो इस बार क्षेत्र के लोगों ने वन निगम के मालन गेट से आरबीएम खरीदने में अधिक दिलचस्पी नहीं ली।
वन विकास निगम के लौंगिग अनुभाग अधिकारी मुलायम सिंह बिष्ट ने बताया कि इस साल एक अप्रैल से मालन नदी में खनन चुगान कार्य शुरू किया गया था। जिसके लिए शासन की ओर से 28558 आरबीएम उपखनिज उठान की अनुमति मिली थी। वन विकास निगम की ओर से राज्य सरकार को अग्रिम रायल्टी जमा कराई गई थी। इस बार का आवंटन गत वर्ष की तुलना में करीब आठ हजार घन मीटर अधिक है। मालन नदी में अवैध खनन के कारण खनन कारोबारियों ने निगम के लॉट से आरबीएम खरीदने में दिलचस्पी नहीं ली। बताया कि इस बार रेता, बजरी और बोल्डर बेचने से वन निगम को करीब 64.50 लाख रुपये की आय हुई।
मानसून सत्र खत्म होने के बाद नवंबर माह से फिर से खनन कार्य शुरू किया जाएगा।
इस बार वन निगम को 12 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 28579 घनमीटर आरबीएम खनन और चुगान की अनुमति मिली थी। जिसके सापेक्ष वन निगम इन दो महीनों में केवल आधा आवंटन 14341 घनमीटर ही बेच सका । अवशेष आवंटन के लिए वन निगम मानसूत्र सत्र के बाद फिर से अनुमति हासिल करेगा। वन निगम के अधिकारियों की माने तो इस बार क्षेत्र के लोगों ने वन निगम के मालन गेट से आरबीएम खरीदने में अधिक दिलचस्पी नहीं ली।
वन विकास निगम के लौंगिग अनुभाग अधिकारी मुलायम सिंह बिष्ट ने बताया कि इस साल एक अप्रैल से मालन नदी में खनन चुगान कार्य शुरू किया गया था। जिसके लिए शासन की ओर से 28558 आरबीएम उपखनिज उठान की अनुमति मिली थी। वन विकास निगम की ओर से राज्य सरकार को अग्रिम रायल्टी जमा कराई गई थी। इस बार का आवंटन गत वर्ष की तुलना में करीब आठ हजार घन मीटर अधिक है। मालन नदी में अवैध खनन के कारण खनन कारोबारियों ने निगम के लॉट से आरबीएम खरीदने में दिलचस्पी नहीं ली। बताया कि इस बार रेता, बजरी और बोल्डर बेचने से वन निगम को करीब 64.50 लाख रुपये की आय हुई।
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मानसून सत्र खत्म होने के बाद नवंबर माह से फिर से खनन कार्य शुरू किया जाएगा।