{"_id":"5c757a0cbdec225eb65e0447","slug":"151551202828-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में चल रही कई फर्जी कंपनियां, अभिलेख जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया में चल रही कई फर्जी कंपनियां, अभिलेख जब्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोटद्वार। उत्तराखंड में उद्योगों को मिल रही छूट का लाभ लेने के लिए उद्योगों ने जीएसटी और आयकर बचाने के लिए अपनी कई फर्जी कंपनियां खोली हुई हैं। इस बात का खुलासा हाल में जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया के एक स्टील प्लांट में आयकर विभाग के छापे से हुआ है। आयकर विभाग ने इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट आयकर मुख्यालय देहरादून को भेज दी है।
उत्तर प्रदेश और हरियाणा से मिली सूचना के आधार पर गत 22 फरवरी को प्रधान आयकर आयुक्त सुनिधि श्रीवास्तव के निर्देश पर आयकर विभाग की एक टीम कोटद्वार के जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया पहुंची। यहां अधिकारियों ने एक स्टील प्लांट में छापेमारी की। छापेमारी और सर्वे में आयकर विभाग के अधिकारियों को कंपनी में व्यापार से संबंधित कोई लेखा जोखा नहीं मिला। न ही कंपनी के अधिकारी विभाग के सामने कोई लेखा जोखा रख पाए। कंपनी के कार्यालय में कुछ अन्य कंपनियों की चेकबुक व बैंक स्टेटमेंट पाए गए। विभाग को अंदेशा है कि कंपनियों के डायरेक्टरों द्वारा कुछ फर्जी फर्में चलाई जा रही हैं। इनके माध्यम से कंपनी को धन ट्रांसफर किया जा रहा है। ऐसे सभी दस्तावेज विभाग द्वारा जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है। छापे के बाद कंपनी की ओर से 15 मार्च, 2019 तक स्वेच्छा से अतिरिक्त 25 लाख अग्रिम कर जमा करने का भरोसा विभाग को दिया है। ऋषिकेश सर्किल के सहायक आयकर आयुक्त आबिद अली ने इसकी पुष्टि की।
एक फरवरी को पड़ा था एसटीएफ का छापा
कोटद्वार। 22 फरवरी के आयकर छापे की कार्रवाई के तार गत एक फरवरी को कोटद्वार में पड़े राज्य के कर विभाग की एसटीएफ के छापे की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। एक फरवरी को पड़े छापे में एक स्टील प्लांट में फर्जी फर्मों से खरीद दिखाकर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ लेने का मामला प्रकाश में आया था। यहां भी विभाग को उत्तर प्रदेश और अन्य प्रांतों से इस तरह की पुख्ता जानकारी हासिल हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश और हरियाणा से मिली सूचना के आधार पर गत 22 फरवरी को प्रधान आयकर आयुक्त सुनिधि श्रीवास्तव के निर्देश पर आयकर विभाग की एक टीम कोटद्वार के जशोधरपुर इंडस्ट्रियल एरिया पहुंची। यहां अधिकारियों ने एक स्टील प्लांट में छापेमारी की। छापेमारी और सर्वे में आयकर विभाग के अधिकारियों को कंपनी में व्यापार से संबंधित कोई लेखा जोखा नहीं मिला। न ही कंपनी के अधिकारी विभाग के सामने कोई लेखा जोखा रख पाए। कंपनी के कार्यालय में कुछ अन्य कंपनियों की चेकबुक व बैंक स्टेटमेंट पाए गए। विभाग को अंदेशा है कि कंपनियों के डायरेक्टरों द्वारा कुछ फर्जी फर्में चलाई जा रही हैं। इनके माध्यम से कंपनी को धन ट्रांसफर किया जा रहा है। ऐसे सभी दस्तावेज विभाग द्वारा जब्त कर जांच शुरू कर दी गई है। छापे के बाद कंपनी की ओर से 15 मार्च, 2019 तक स्वेच्छा से अतिरिक्त 25 लाख अग्रिम कर जमा करने का भरोसा विभाग को दिया है। ऋषिकेश सर्किल के सहायक आयकर आयुक्त आबिद अली ने इसकी पुष्टि की।
विज्ञापन
एक फरवरी को पड़ा था एसटीएफ का छापा
कोटद्वार। 22 फरवरी के आयकर छापे की कार्रवाई के तार गत एक फरवरी को कोटद्वार में पड़े राज्य के कर विभाग की एसटीएफ के छापे की कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है। एक फरवरी को पड़े छापे में एक स्टील प्लांट में फर्जी फर्मों से खरीद दिखाकर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का लाभ लेने का मामला प्रकाश में आया था। यहां भी विभाग को उत्तर प्रदेश और अन्य प्रांतों से इस तरह की पुख्ता जानकारी हासिल हुई थी।
विज्ञापन