{"_id":"5aede8494f1c1b6e098b82ba","slug":"151525540937-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानकों के विपरीत खनन से भड़के ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानकों के विपरीत खनन से भड़के ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी
Updated Sat, 05 May 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के गंदरियाखाल स्थित तेलीस्रोत गदेरे में खननकारियों द्वारा रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर हो रहे खनन से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि खननकारियों ने गत वर्ष बने सिंचाई विभाग की सुरक्षा दीवार तक खोद डाली है, जिसका खामियाजा आने वाली बरसात में उन्हें भुगतना पड़ेगा। लोगों ने सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है।
शनिवार को लोकमणिपुर के पूर्व प्रधान जगदीश मेहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तेलीस्रोत में रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर मानकों के विपरीत हो रहे खनन का विरोध किया गया। ग्रामीण आनंदमणि कुकरेती, खेम सिंह, दीपक नैनवाल, कृष्णानंद कुकरेती, भारत अधिकारी व राजेंद्र मेहरा ने कहा कि तेलीस्रोत में रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर मानकों को ताक पर रखकर खनन कार्य किया जा रहा है। सिंचाई विभाग द्वारा कुछ ही माह पूर्व स्रोत के दोनों ओर करोड़ों रुपये की लागत से सुरक्षा दीवार बनाई गई थी। खननकारियों ने सुरक्षा दीवार की जड़ों तक कई फीट नीचे तक खुदान कर दिया है, जिससे बरसात में उनके ढह जाने का खतरा बन गया है। आला अधिकारी मौके पर पहुंच कर निर्देश देकर खानापूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बैठक में निर्णय लिया कि वे अब मानकों के विपरित हो रहे खनन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे।
फोटो
विज्ञापन
शनिवार को लोकमणिपुर के पूर्व प्रधान जगदीश मेहरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में तेलीस्रोत में रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर मानकों के विपरीत हो रहे खनन का विरोध किया गया। ग्रामीण आनंदमणि कुकरेती, खेम सिंह, दीपक नैनवाल, कृष्णानंद कुकरेती, भारत अधिकारी व राजेंद्र मेहरा ने कहा कि तेलीस्रोत में रिवर चैनलाइजेशन के नाम पर मानकों को ताक पर रखकर खनन कार्य किया जा रहा है। सिंचाई विभाग द्वारा कुछ ही माह पूर्व स्रोत के दोनों ओर करोड़ों रुपये की लागत से सुरक्षा दीवार बनाई गई थी। खननकारियों ने सुरक्षा दीवार की जड़ों तक कई फीट नीचे तक खुदान कर दिया है, जिससे बरसात में उनके ढह जाने का खतरा बन गया है। आला अधिकारी मौके पर पहुंच कर निर्देश देकर खानापूर्ति कर रहे हैं। ग्रामीणों ने बैठक में निर्णय लिया कि वे अब मानकों के विपरित हो रहे खनन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे।
विज्ञापन
फोटो