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होलिका जली, प्रह्लाद के जयकारों से गूंजा झंडाचौक
Updated Thu, 01 Mar 2018 10:16 PM IST
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कोटद्वार। होली के अवसर पर कोटद्वार के झंडा चौक पर होलिका की स्थापना की गई। इसमें सुबह से दिन भर सुहागिनों ने होलिका के समक्ष दिया जलाकर पूजा अर्चना की। उन्होंने सूत के घागे को होलिका में लपेटा और होलिका दहन में अनाज की बाली और गन्ने को जलाकर अपने परिवार की सुख शांति और समृद्धि की कामना की। शाम करीब सवा आठ बजे होलिका दहन किया गया। लोगों ने प्रह्लाद के जयकारे लगाए।
बृहस्पतिवार को झंडाचौक पर पूजा का दौर दिन भर चलता रहा। देर शाम करीब सवा आठ बजे होलिका दहन किया गया। झंडाचौक पर राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना होने के कारण इस बार होली कुछ दूरी पर मनाई गई। इसमें प्रशासन ने आयोजकों को झंडे को देखते हुए अधिक लकड़ी का प्रयोग नहीं करने के निर्देश दिए थे। इसके कारण छोटी होलिका सजाई गई। जैसे ही होलिका पूरी तरह से लपटों में छाई, वैसे ही झंडाचौक पर मौजूद लोगों ने जयकारा लगाना शुरू कर दिया। पूरे झंडाचौक प्रह्लाद के जयकारों से गूंजने लगा। लोगों ने शगुन के रूप में गन्ने और अनाज की पौध को होलिका से जलाया और होलिका की राख को प्रसाद स्वरूप घर ले गए।
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बृहस्पतिवार को झंडाचौक पर पूजा का दौर दिन भर चलता रहा। देर शाम करीब सवा आठ बजे होलिका दहन किया गया। झंडाचौक पर राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना होने के कारण इस बार होली कुछ दूरी पर मनाई गई। इसमें प्रशासन ने आयोजकों को झंडे को देखते हुए अधिक लकड़ी का प्रयोग नहीं करने के निर्देश दिए थे। इसके कारण छोटी होलिका सजाई गई। जैसे ही होलिका पूरी तरह से लपटों में छाई, वैसे ही झंडाचौक पर मौजूद लोगों ने जयकारा लगाना शुरू कर दिया। पूरे झंडाचौक प्रह्लाद के जयकारों से गूंजने लगा। लोगों ने शगुन के रूप में गन्ने और अनाज की पौध को होलिका से जलाया और होलिका की राख को प्रसाद स्वरूप घर ले गए।
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