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आंदोलनकारियों का क्रमिक उपवास दूसरे दिन रहा जारी
Updated Wed, 01 Nov 2017 10:42 PM IST
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कोटद्वार। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मोर्चा के आंदोलनकारियों का मांगों को लेकर चल रहा क्रमिक उपवास बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार को मांग पूरी न होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
आंदोलनकारी लक्ष्मी रावत की अध्यक्षता में आयोजित क्रमिक उपवास के दूसरे दिन दुर्गा काला, रामेश्वरी देवी, मंजू शर्मा, हरीश सिंह रावत, मुकेश देवरानी व शमीम अब्बासी उपवास पर बैठे। उन्होंने कोटद्वार तहसील में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार पर आंदोलनकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों के लिए स्पष्ट रणनीति तय नहीं की, जिससे कई आंदोलनकारियों को सरकार की ओर से बीमारी में मिलने वाली मदद का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कहा कि सरकार ने देहरादून, उधमसिंहनगर और हरिद्वार में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों में नामों की कटिंग के आधार पर आंदोलनकारियों को चिह्नित किया है, लेकिन पर्वतीय जिलों में इस मानक को लागू नहीं किया गया, जिससे आंदोलनकारियों में रोष है। कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों का शीघ्र निस्तारण नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर महेंद्र सिंह रावत, राजेंद्र सिंह, नवीन चमोली, कमल किशोर खंतवाल, राजकुमार गुप्ता, हरेंद्र सिंह नेगी, मनोज उप्पल, रामकुमार, सरस्वती देवी, मंजू जखमोला, गायत्री देवी, कमला शाह, सुशीला देवरानी, लालवती देवी, सूरी देवी, राजेश्वरी देवी, कृष्णा काला, कलम सिंह रावत, भागीरथी रावत, शीला देवी, शहनाज शम्सी आदि मौजूद थे।
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आंदोलनकारी लक्ष्मी रावत की अध्यक्षता में आयोजित क्रमिक उपवास के दूसरे दिन दुर्गा काला, रामेश्वरी देवी, मंजू शर्मा, हरीश सिंह रावत, मुकेश देवरानी व शमीम अब्बासी उपवास पर बैठे। उन्होंने कोटद्वार तहसील में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार पर आंदोलनकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि सरकार ने आंदोलनकारियों के लिए स्पष्ट रणनीति तय नहीं की, जिससे कई आंदोलनकारियों को सरकार की ओर से बीमारी में मिलने वाली मदद का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कहा कि सरकार ने देहरादून, उधमसिंहनगर और हरिद्वार में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों में नामों की कटिंग के आधार पर आंदोलनकारियों को चिह्नित किया है, लेकिन पर्वतीय जिलों में इस मानक को लागू नहीं किया गया, जिससे आंदोलनकारियों में रोष है। कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों का शीघ्र निस्तारण नहीं किया गया तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर महेंद्र सिंह रावत, राजेंद्र सिंह, नवीन चमोली, कमल किशोर खंतवाल, राजकुमार गुप्ता, हरेंद्र सिंह नेगी, मनोज उप्पल, रामकुमार, सरस्वती देवी, मंजू जखमोला, गायत्री देवी, कमला शाह, सुशीला देवरानी, लालवती देवी, सूरी देवी, राजेश्वरी देवी, कृष्णा काला, कलम सिंह रावत, भागीरथी रावत, शीला देवी, शहनाज शम्सी आदि मौजूद थे।
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