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लैंसडौन वन प्रभाग की आग बुझाने में वन कर्मी परेशान
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कोटद्वार। लैंसडौन वन प्रभाग की पांच रेंजों में वनाग्नि से निपटने के लिए 64 क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। इन दिनों बढ़ते तापमान के कारण वन प्रभाग के कोटद्वार रेंज, लैंसडौन रेंज, कोटड़ी रेंज और दुगड्डा रेंज में आग सुलगनी शुरू हो गई है, लेकिन वन कर्मियों के पास अग्नि सुरक्षा के संसाधन नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोटद्वार रेंज में सिद्धबली के पास की पहाड़ी, दुगड्डा रेंज के अंतर्गत जमरगड्डी मल्ली, चरेख डांडा के आरक्षित जंगल से सटे सिविल क्षेत्र में, झवाणा व आमसौड़ के समीप के जंगलों में आग भड़की हुई है। लैंसडौन रेंज के अंतर्गत द्वारीखाल क्षेत्र, जयहरीखाल और लैंसडौन रोड के किनारे जंगल में, कांडाखाल व घाड़ क्षेत्र में आग लगी हुई है। पुरानकोट क्षेत्र के सिविल के जंगलों में आग से धुआं उठ रहा है। वहीं यमकेश्वर के जंगलों में भी वनकर्मी आग बुझाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं।
आग बुझाने में लगे वन कर्मियों के पास आग बुझाने के हथियार नहीं होने के कारण उन्हें पेड़ के पत्तों का झाडू बनाकर आग को काबू करने में पसीना बहाना पड़ रहा है। वन कर्मियों के पास आग को बुझाने के लिए न तो दस्ताने हैं, न हेलमेट हैं और न ही उपयोग होने वाले हथियार।
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रेंज अधिकारी दुगड्डा किशोर नौटियाल और रेंज अधिकारी लैंसडौन पूनम कैंथोला ने बताया कि जंगल में आग को बुझा लिया गया है। आंशिक रूप से जंगल को छति पहुंची है।
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कोटद्वार रेंज में सिद्धबली के पास की पहाड़ी, दुगड्डा रेंज के अंतर्गत जमरगड्डी मल्ली, चरेख डांडा के आरक्षित जंगल से सटे सिविल क्षेत्र में, झवाणा व आमसौड़ के समीप के जंगलों में आग भड़की हुई है। लैंसडौन रेंज के अंतर्गत द्वारीखाल क्षेत्र, जयहरीखाल और लैंसडौन रोड के किनारे जंगल में, कांडाखाल व घाड़ क्षेत्र में आग लगी हुई है। पुरानकोट क्षेत्र के सिविल के जंगलों में आग से धुआं उठ रहा है। वहीं यमकेश्वर के जंगलों में भी वनकर्मी आग बुझाने के लिए मशक्कत कर रहे हैं।
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आग बुझाने में लगे वन कर्मियों के पास आग बुझाने के हथियार नहीं होने के कारण उन्हें पेड़ के पत्तों का झाडू बनाकर आग को काबू करने में पसीना बहाना पड़ रहा है। वन कर्मियों के पास आग को बुझाने के लिए न तो दस्ताने हैं, न हेलमेट हैं और न ही उपयोग होने वाले हथियार।
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रेंज अधिकारी दुगड्डा किशोर नौटियाल और रेंज अधिकारी लैंसडौन पूनम कैंथोला ने बताया कि जंगल में आग को बुझा लिया गया है। आंशिक रूप से जंगल को छति पहुंची है।