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10 18-40-03
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कोटद्वार। आकस्मिक सेवा वाहन 108 में सेवाएं दे रहे कर्मचारी मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण बुधवार को प्रदेश व्यापी हड़ताल पर रहे, जिससे बेस अस्पताल समेत पर्वतीय क्षेत्रों में सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। 108 और खुशियों की सवारियां खड़ी रहीं, जिससे लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए प्राइवेट वाहनों पर निर्भर रहना पड़ा।
बुधवार को 108 सेवा के कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल के चलते बेस अस्पताल से ही 108 कार्यालय में ताला लटका हुआ था। बेस अस्पताल में 108 सेवा की दो एंबुलेंस और दो खुशियों की सवारियां परिसर में खड़ी रही, जिससे लोगों को 108 की सेवाएं नहीं मिल पाई। दूूर दराज के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग प्राइवेट वाहनों से चिकित्सालय पहुंचे। यमकेश्वर ब्लाक के लिए एकमात्र 108 स्वास्थ्य सेवा पर भी हड़ताल का खासा असर पड़ा है। मरीजों को उनके परिजन प्राइवेट वाहनों से कोटद्वार और ऋषिकेश ले गए। यही हाल जयहरीखाल, लैंसडौंन, सतपुली और धुमाकोट में रही। गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सबसे अधिक दिक्कत रही । साथ ही आपातकाल में गंभीर मरीजों को निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में भी परेशानी हो रही है। नैनीडांडा ब्लॉक प्रमुख रश्मि पटवाल का कहना है कि शासन-प्रशासन को 108 सेवा जल्दी बहाल करनी चाहिए, जिससे सुदूर इलाकों के लोगों को पुन: सुविधा मिल सके।
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बुधवार को 108 सेवा के कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल के चलते बेस अस्पताल से ही 108 कार्यालय में ताला लटका हुआ था। बेस अस्पताल में 108 सेवा की दो एंबुलेंस और दो खुशियों की सवारियां परिसर में खड़ी रही, जिससे लोगों को 108 की सेवाएं नहीं मिल पाई। दूूर दराज के मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोग प्राइवेट वाहनों से चिकित्सालय पहुंचे। यमकेश्वर ब्लाक के लिए एकमात्र 108 स्वास्थ्य सेवा पर भी हड़ताल का खासा असर पड़ा है। मरीजों को उनके परिजन प्राइवेट वाहनों से कोटद्वार और ऋषिकेश ले गए। यही हाल जयहरीखाल, लैंसडौंन, सतपुली और धुमाकोट में रही। गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में सबसे अधिक दिक्कत रही । साथ ही आपातकाल में गंभीर मरीजों को निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने में भी परेशानी हो रही है। नैनीडांडा ब्लॉक प्रमुख रश्मि पटवाल का कहना है कि शासन-प्रशासन को 108 सेवा जल्दी बहाल करनी चाहिए, जिससे सुदूर इलाकों के लोगों को पुन: सुविधा मिल सके।
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