{"_id":"5c095504bdec224151688d19","slug":"141544115460-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीने की मुस्कान है बेटी, हम सब का सम्मान है बेटी..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीने की मुस्कान है बेटी, हम सब का सम्मान है बेटी..
Updated Thu, 06 Dec 2018 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कोटद्वार। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल महाभियान के तहत कोटद्वार के हैप्पी होम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। सीनियर छात्राओं और शिक्षिकाओं ने महिला सशक्तिकरण के लिए दौड़ लगाई। इस दौरान छात्राओं ने कविताओं के माध्यम से बेटियों को लेकर सामाजिक कुरीतियों पर कटाक्ष किया।
बृहस्पतिवार को जौनपुर स्थित हैप्पी होम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित क्रीड़ा प्रतियोगिता का विद्यालय के प्रबंधक अजय राज सिंह और प्रधानाचार्य शालिनी सिंह ने शुभारंभ किया। प्रधानाचार्य शालिनी सिंह ने कहा कि आज की 21वीं सदी में भी लिंग भेद जैसी कुरीतियां समाज में मौजूद हैं। आज भी अभिभावक बेटों को अच्छे प्राइवेट स्कूलों और बेटियों को सरकारी स्कूूलों में शिक्षा के लिए भेजते हैं। इसके बाद भी आज बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में विश्व कीर्तिमान बना रही हैं। उन्होंने छात्राओं से अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़कर स्कूल, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करने की अपील की। इस दौरान छात्राओं ने कविताओं के जरिए सामाजिक कुरीतियों पर कटाक्ष किया। छात्रा तस्लीम ने जीने की मुस्कान है बेेटी, हम सब का सम्मान है बेटी..., छात्रा महजबी ने मेरी हिम्मत, मेरा हौसला, मेरी उड़ान... छात्रा गुंजन बिष्ट ने खुद से जितने की जिद है, खुद को ही हराना है... और ईशा बिष्ट ने बसेरा आगे कल मेरा किसी और का आंगन है... कविताओं के माध्यम से बेटियों को लेकर सामाजिक कुरीतियों पर कटाक्ष किया। इस अवसर पर आयोजित क्रीड़ा प्रतियोगिता के तहत सीनियर छात्राओं की 50 मीटर दौड़ में खुशी गुसाईं ने प्रथम, तनीषा रावत ने द्वितीय, अंजलि वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की गोला फेंक प्रतियोगिता में श्रुति नेगी ने पहला, तानिया बिष्ट ने दूसरा और ईशा बिष्ट ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। शिक्षिकाओं की गोला फेंक प्रतियोगिता में प्राची नेगी, रेनू राणा और आयुषी जदली ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। वॉलीबाल प्रतियोगिता में 10वीं कक्षा की छात्राओं ने बाजी मारी। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण सीनियर छात्राओं और शिक्षिकाओं की रस्साकशी रही। शिक्षिकाओं और छात्राओं के बीच हुई जोर आजमाइश में शिक्षिकाओं ने बाजी मारी। विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने विजेताओं को मेडल और ट्रॉफी से पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक प्रिथु भंडारी, विभा धूलिया, प्राची सिंह नेगी और कोमल प्रजापति ने किया।
इंसेट
- महिला सशक्तिकरण पर बोली छात्राएं:
समाज की बेहतरी और देश की उन्नति के लिए महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। एक बेटी को शिक्षित करने पर वह पूरे परिवार और समाज को शिक्षित करती है। - ईशा बिष्ट
विज्ञापन
.
बेटा बेटी को समानरूप से आगे बढ़ने का अधिकार है। लिंग भेद की रुढ़िवादी परंपरा का खात्मा किया जाना चाहिए। तभी बेटियों को उनका अधिकार मिल सकेगा। - तस्कीन
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। तभी सही माइने में महिला सशक्तिकरण की कल्पना की जा सकती है। - महजबी
.
महिला को अबला कहना गलत है, उन्हें हर तरह की आजादी मिलनी चाहिए। बेटियों को शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिले तो वह हर कार्य कर सकती है। - गुंजन बिष्ट।
बृहस्पतिवार को जौनपुर स्थित हैप्पी होम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित क्रीड़ा प्रतियोगिता का विद्यालय के प्रबंधक अजय राज सिंह और प्रधानाचार्य शालिनी सिंह ने शुभारंभ किया। प्रधानाचार्य शालिनी सिंह ने कहा कि आज की 21वीं सदी में भी लिंग भेद जैसी कुरीतियां समाज में मौजूद हैं। आज भी अभिभावक बेटों को अच्छे प्राइवेट स्कूलों और बेटियों को सरकारी स्कूूलों में शिक्षा के लिए भेजते हैं। इसके बाद भी आज बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में विश्व कीर्तिमान बना रही हैं। उन्होंने छात्राओं से अपनी प्रतिभा के बल पर आगे बढ़कर स्कूल, परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन करने की अपील की। इस दौरान छात्राओं ने कविताओं के जरिए सामाजिक कुरीतियों पर कटाक्ष किया। छात्रा तस्लीम ने जीने की मुस्कान है बेेटी, हम सब का सम्मान है बेटी..., छात्रा महजबी ने मेरी हिम्मत, मेरा हौसला, मेरी उड़ान... छात्रा गुंजन बिष्ट ने खुद से जितने की जिद है, खुद को ही हराना है... और ईशा बिष्ट ने बसेरा आगे कल मेरा किसी और का आंगन है... कविताओं के माध्यम से बेटियों को लेकर सामाजिक कुरीतियों पर कटाक्ष किया। इस अवसर पर आयोजित क्रीड़ा प्रतियोगिता के तहत सीनियर छात्राओं की 50 मीटर दौड़ में खुशी गुसाईं ने प्रथम, तनीषा रावत ने द्वितीय, अंजलि वर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं की गोला फेंक प्रतियोगिता में श्रुति नेगी ने पहला, तानिया बिष्ट ने दूसरा और ईशा बिष्ट ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। शिक्षिकाओं की गोला फेंक प्रतियोगिता में प्राची नेगी, रेनू राणा और आयुषी जदली ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। वॉलीबाल प्रतियोगिता में 10वीं कक्षा की छात्राओं ने बाजी मारी। प्रतियोगिता का मुख्य आकर्षण सीनियर छात्राओं और शिक्षिकाओं की रस्साकशी रही। शिक्षिकाओं और छात्राओं के बीच हुई जोर आजमाइश में शिक्षिकाओं ने बाजी मारी। विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य ने विजेताओं को मेडल और ट्रॉफी से पुरस्कृत किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक प्रिथु भंडारी, विभा धूलिया, प्राची सिंह नेगी और कोमल प्रजापति ने किया।
विज्ञापन
इंसेट
- महिला सशक्तिकरण पर बोली छात्राएं:
समाज की बेहतरी और देश की उन्नति के लिए महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरूरी है। एक बेटी को शिक्षित करने पर वह पूरे परिवार और समाज को शिक्षित करती है। - ईशा बिष्ट
विज्ञापन
.
बेटा बेटी को समानरूप से आगे बढ़ने का अधिकार है। लिंग भेद की रुढ़िवादी परंपरा का खात्मा किया जाना चाहिए। तभी बेटियों को उनका अधिकार मिल सकेगा। - तस्कीन
महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। तभी सही माइने में महिला सशक्तिकरण की कल्पना की जा सकती है। - महजबी
.
महिला को अबला कहना गलत है, उन्हें हर तरह की आजादी मिलनी चाहिए। बेटियों को शिक्षा और सही मार्गदर्शन मिले तो वह हर कार्य कर सकती है। - गुंजन बिष्ट।