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पित्रों का तारण करती है भागवत कथा: मधुकर शास्त्री
Updated Sun, 15 Oct 2017 09:43 PM IST
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कोटद्वार। देवी रोड सिताबपुर कामरूपनगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा 108 कलश यात्रा के साथ शुरू हुई। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर भगवान से सुख शांति और समृद्धि की कामना की।
रविवार को ज्योतिषाचार्य पंडित दयाधर प्रसाद ध्यानी की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें 108 कलशधारी महिलाओं ने भाग लिया। कथा आयोजक आचार्य सुधीर ध्यानी, नवीन ध्यानी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कथा व्यास का पूजन और कलश की स्थापना की।
कथा के पहले दिन प्रवचन करते हुए डा. मधुकर शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत वेदरूपी कल्प वृक्ष का अमृतमय फल है। भागवत कथा पित्रों का तारण करती है। मोक्ष मूलक है। यह कथा अज्ञान मिटाकर ईश्वरीय ज्ञान की प्राप्ति कराती है। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से कष्ट दूर हो जाते हैं।
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इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, डॉ सर्वेश सुयाल, प्रकाश गौड़, आचार्य सुधीर ध्यानी, नवीन ध्यानी, द्वारिका नौटियाल सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कथा रस पान किया।
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रविवार को ज्योतिषाचार्य पंडित दयाधर प्रसाद ध्यानी की पुण्य स्मृति में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पहले दिन कथा से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें 108 कलशधारी महिलाओं ने भाग लिया। कथा आयोजक आचार्य सुधीर ध्यानी, नवीन ध्यानी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कथा व्यास का पूजन और कलश की स्थापना की।
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कथा के पहले दिन प्रवचन करते हुए डा. मधुकर शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत वेदरूपी कल्प वृक्ष का अमृतमय फल है। भागवत कथा पित्रों का तारण करती है। मोक्ष मूलक है। यह कथा अज्ञान मिटाकर ईश्वरीय ज्ञान की प्राप्ति कराती है। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से कष्ट दूर हो जाते हैं।
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इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुमन कोटनाला, डॉ सर्वेश सुयाल, प्रकाश गौड़, आचार्य सुधीर ध्यानी, नवीन ध्यानी, द्वारिका नौटियाल सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कथा रस पान किया।