फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Kotdwar News ›   ..तो कल से ठप हो जाएंगे कोटद्वार के 46 प्राइवेट क्नीनिक और पैथोलॉजी सेंटर

..तो कल से ठप हो जाएंगे कोटद्वार के 46 प्राइवेट क्नीनिक और पैथोलॉजी सेंटर

Sun, 23 Dec 2018 09:51 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 23 Dec 2018 09:51 PM IST
विज्ञापन
..तो कल से ठप हो जाएंगे कोटद्वार के 46 प्राइवेट क्नीनिक और पैथोलॉजी सेंटर
कोटद्वार। क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (सीईए) के स्थान पर उत्तराखंड हेल्थकेयर एक्ट लागू कराने की मांग को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की अगुवाई में मंगलवार सुबह से कोटद्वार के 46 प्राइवेट क्लीनिक और 15 पैथोलॉजी लैब संचालक अपने संस्थानों को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर देंगे। आईएमए की कोटद्वार शाखा ने इसकी घोषणा कर दी है। इसके लिए डाक्टरों ने अपने संस्थानों में मरीजों की सूचना के लिए पोस्टर चस्पा कर दिए हैं।
विज्ञापन

कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र में 25 एलोपैथिक, 15 आयुर्वेदिक, 03 होम्योपैथिक क्नीनिक/अस्पताल के अलावा करीब 15 पैथोलॉजी सेंटर मौजूद हैं। आईएमए कोटद्वार के सदस्य डा. राजकुमार बिज ने बताया कि सरकार द्वारा जबरन थोपा जा रहा क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट अव्यवहारिक और अत्यंत महंगा है, जिसके कारण प्राइवेट क्लीनिक इस कानून के तहत अपना पंजीकरण कराने में असमर्थ हैं। सरकारी आदेश के अनुसार अपंजीकृत अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई की जानी है, इसलिए सीलिंग से बचने के लिए उन्हें अपने क्लीनिकों को स्वयं ही बंद करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बताया कि आंदोलन के तहत पहले चरण में 22 दिसंबर को सभी डाक्टरों ने हाथ पर काले फीते बांध कर इस कानून का विरोध जताया था। 23 दिसंबर को शाम की ओपीडी बंद रखी गई। 24 दिसंबर को भी शाम की ओपीडी बंद रखी जाएगी साथ ही इसी दिन क्नीनिकों और अस्पतालों में भर्ती मरीजों को छुट्टी दे दी जाएगी और 25 दिसंबर से प्राइवेट क्लीनिकों और अस्पतालों को अनिश्चित काल के लिए बंद कर दिया जाएगा। जिसके चलते अब प्राइवेट क्लीनिकों में इलाज कराने वाले मरीजों को अब सरकारी अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ेगा। कोटद्वार बेस अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, राजकीय बेस अस्पताल के सीएमएस डा. आईएस सामंत ने बताया कि प्राइवेट क्नीनिकों और अस्पतालों के बंद होने के बाद अस्पताल में मरीजों के संख्या बढ़ने पर अस्पताल में व्यवस्थाएं बढ़ाई जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed