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कोटद्वार रेलवे स्टेशन की बदलेगी सूरत, कवायद शुरू
Updated Sat, 29 Sep 2018 11:00 PM IST
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कोटद्वार। जल्द ही कोटद्वार स्थित रेलवे स्टेशन की सूरत बदली हुई नजर आएगी। रेलवे विभाग प्लेटफार्म की छत पर लगी सीमेंट की चादरों की जगह अब फाइबर सीट लगाने जा रहा है। इससे छत के गलने और टपकने की झंझट खत्म हो जाएगा। रेलवे की ओर से इसकी कवायद शुरू कर दी गई है।
1890 में अंग्रेजों द्वारा स्थापित कोटद्वार रेलवे स्टेशन देश के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में से एक है, लेकिन समय बीतने के साथ ही यहां सुविधाओं की कमी बनी रही है। रेलवे स्टेशन पर बने प्लेटफार्म पर लगी सीमेंट की सीटें अधिक पुराने होने के कारण टूटने लगी थीं। इससे बारिश में पानी टपकने से पूरा प्लेटफार्म पानी-पानी हो जाता था। रेलवे के आईओडब्ल्यू सेक्शन इंजीनियर शिव सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्य शुरू करवा दिया गया है। जल्द ही वहां फाइबर की चादरें लगाई जाएंगी।
स्टेशन मास्टर रामाश्रय राम का कहना है कि स्टेशन प्लेट फार्म की छत क्षतिग्रस्त होने लगी थी। बारिश के समय पानी टपकने से यात्री परेशान हो जाते थे। मंडलीय अधिकारियों को इसका प्रस्ताव भेजा गया था। जल्द ही स्टेशन का कायाकल्प हो जाएगा।
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1890 में अंग्रेजों द्वारा स्थापित कोटद्वार रेलवे स्टेशन देश के सबसे पुराने रेलवे स्टेशनों में से एक है, लेकिन समय बीतने के साथ ही यहां सुविधाओं की कमी बनी रही है। रेलवे स्टेशन पर बने प्लेटफार्म पर लगी सीमेंट की सीटें अधिक पुराने होने के कारण टूटने लगी थीं। इससे बारिश में पानी टपकने से पूरा प्लेटफार्म पानी-पानी हो जाता था। रेलवे के आईओडब्ल्यू सेक्शन इंजीनियर शिव सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कार्य शुरू करवा दिया गया है। जल्द ही वहां फाइबर की चादरें लगाई जाएंगी।
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स्टेशन मास्टर रामाश्रय राम का कहना है कि स्टेशन प्लेट फार्म की छत क्षतिग्रस्त होने लगी थी। बारिश के समय पानी टपकने से यात्री परेशान हो जाते थे। मंडलीय अधिकारियों को इसका प्रस्ताव भेजा गया था। जल्द ही स्टेशन का कायाकल्प हो जाएगा।
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