{"_id":"5963b4ad4f1c1b9f738b4596","slug":"131499706541-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुश्ता के खतरे से आशंकित महिलाओं ने तहसील में किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुश्ता के खतरे से आशंकित महिलाओं ने तहसील में किया प्रदर्शन
Updated Mon, 10 Jul 2017 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कोटद्वार। ग्राम पंचायत काशीरामपुर तल्ला में आवासीय भवनों के पास गिरे पुस्ते से आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील में पेयजल निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने पुस्ता निर्माण में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए दोबारा से पुस्ता निर्माण कराने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
सोमवार को विकास समिति काशीरामपुर तल्ला के बैनर तले छात्र नेता सूरज प्रसाद कांती के नेतृत्व में काशीरामपुर तल्ला की महिलाएं तहसील पहुंचीं। उन्होंने पेयजल निगम के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पेयजल निगम पर पुस्ते के निर्माण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। कहा कि पांच महीने पहले बने पुस्ते के निर्माण के समय ग्रामीणों के विरोध के बावजूद विभाग ने मिट्टी को रोकने के लिए बनी पुराने सुरक्षा दीवार के ऊपर ही पुस्ता का निर्माण कर दिया। शनिवार रात को पुस्ता गिरने से उनकी विद्युत व्यवस्था और रास्ता ठप हो गया। मकानों के ऊपर मलबा गिरने से बाल-बाल बचा। शेष बचे हुए पुस्ते में दरार आई हुई है। इसके कारण वह कभी भी मकानों के ऊपर गिर सकता है। सड़क पर लोगों और बच्चों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में पुस्ता बड़ी घटना का सबब बन सकता है। उन्होंने पूरे पुस्ते को तोड़कर दोबारा से मानकों के अनुसार बनाने की मांग की। इस अवसर पर समिति के सचिव सुनील सिंह रावत, पार्वती देवी, मंजू नेगी, सरोजनी देवी, राखी नेेगी व गीता देवी आदि मौजूद थे।
सोमवार को विकास समिति काशीरामपुर तल्ला के बैनर तले छात्र नेता सूरज प्रसाद कांती के नेतृत्व में काशीरामपुर तल्ला की महिलाएं तहसील पहुंचीं। उन्होंने पेयजल निगम के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर विभाग के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पेयजल निगम पर पुस्ते के निर्माण में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया। कहा कि पांच महीने पहले बने पुस्ते के निर्माण के समय ग्रामीणों के विरोध के बावजूद विभाग ने मिट्टी को रोकने के लिए बनी पुराने सुरक्षा दीवार के ऊपर ही पुस्ता का निर्माण कर दिया। शनिवार रात को पुस्ता गिरने से उनकी विद्युत व्यवस्था और रास्ता ठप हो गया। मकानों के ऊपर मलबा गिरने से बाल-बाल बचा। शेष बचे हुए पुस्ते में दरार आई हुई है। इसके कारण वह कभी भी मकानों के ऊपर गिर सकता है। सड़क पर लोगों और बच्चों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में पुस्ता बड़ी घटना का सबब बन सकता है। उन्होंने पूरे पुस्ते को तोड़कर दोबारा से मानकों के अनुसार बनाने की मांग की। इस अवसर पर समिति के सचिव सुनील सिंह रावत, पार्वती देवी, मंजू नेगी, सरोजनी देवी, राखी नेेगी व गीता देवी आदि मौजूद थे।
विज्ञापन