{"_id":"5b1575344f1c1ba76e8b61ed","slug":"121528132916-kotdwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमरगड्डी के ग्रामीणों को दस साल से सड़क का इंतजार।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जमरगड्डी के ग्रामीणों को दस साल से सड़क का इंतजार।
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीणों को दस साल से सड़क का इंतजार
जमरगड्डी और धरियालसार गांवों के लोगों को होती है परेशानी
गांव से सड़क तक पहुंचने में लगते हैं तीन घंटे
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार/दुगड्डा। 21वीं सदी में भी दुगड्डा विकासखंड के जमरगड्डी और धरियालसार गांवों के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए तीन घंटे की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने ले जाने के लिए ग्रामीणों को डंडी-कंडी का सहारा लेना पड़ता है। 10 साल पहले सड़क का सर्वे हो गया था, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने लोनिवि और सरकार को चेतावनी दी है कि 15 जून तक सड़क का काम शुरू नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
ग्रामीण मीना देवी, राजकुमारी देवी, इंद्र सिंह, अनुराधा देवी, आनंद सिंह रावत, कांती देवी व बालम सिंह का कहना है कि कोटद्वार-दुगड्डा के बीच आमसौड़ से बहेड़ा यात्री शेड से धरिसालसार और जमरगड्डी तक के लिए दस साल पूर्व सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी, लेकिन सड़क पर काम शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि दस साल पहले मंजूर इस सड़क केे प्रथम चरण में धरियालसार गांव तक पांच किमी बनना था। इसके बाद सड़क को जमरगड्डी तक बनाने का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन सड़क पर कई विवाद उपजने और पेच फंसने से बात सर्वे से आगे नहीं बढ़ सकी। लोगों को आज भी कोटद्वार-दुगड्डा के बीच आमसौड़ से पांच किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर गांव तक पहुंचना पड़ रहा है। सड़क सुविधा न होने से बीमार और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है।
आमसौड़ धरियालसार मोटर मार्ग के निर्माण में एलाइनमेंट को लेकर विवाद बना था। इसे ग्रामीणों की खुली बैठक में सुलझा लिया गया है। जल्द ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
-सुदेश बिंजोला, एई लोनिवि दुगड्डा।
विज्ञापन
जमरगड्डी और धरियालसार गांवों के लोगों को होती है परेशानी
गांव से सड़क तक पहुंचने में लगते हैं तीन घंटे
अमर उजाला ब्यूरो
कोटद्वार/दुगड्डा। 21वीं सदी में भी दुगड्डा विकासखंड के जमरगड्डी और धरियालसार गांवों के लोगों को सड़क तक पहुंचने के लिए तीन घंटे की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने ले जाने के लिए ग्रामीणों को डंडी-कंडी का सहारा लेना पड़ता है। 10 साल पहले सड़क का सर्वे हो गया था, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। ग्रामीणों ने लोनिवि और सरकार को चेतावनी दी है कि 15 जून तक सड़क का काम शुरू नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
ग्रामीण मीना देवी, राजकुमारी देवी, इंद्र सिंह, अनुराधा देवी, आनंद सिंह रावत, कांती देवी व बालम सिंह का कहना है कि कोटद्वार-दुगड्डा के बीच आमसौड़ से बहेड़ा यात्री शेड से धरिसालसार और जमरगड्डी तक के लिए दस साल पूर्व सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी, लेकिन सड़क पर काम शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि दस साल पहले मंजूर इस सड़क केे प्रथम चरण में धरियालसार गांव तक पांच किमी बनना था। इसके बाद सड़क को जमरगड्डी तक बनाने का प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन सड़क पर कई विवाद उपजने और पेच फंसने से बात सर्वे से आगे नहीं बढ़ सकी। लोगों को आज भी कोटद्वार-दुगड्डा के बीच आमसौड़ से पांच किमी की खड़ी चढ़ाई चढ़कर गांव तक पहुंचना पड़ रहा है। सड़क सुविधा न होने से बीमार और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन
आमसौड़ धरियालसार मोटर मार्ग के निर्माण में एलाइनमेंट को लेकर विवाद बना था। इसे ग्रामीणों की खुली बैठक में सुलझा लिया गया है। जल्द ही सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
-सुदेश बिंजोला, एई लोनिवि दुगड्डा।