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डीएलएड की बाध्यता होने से परेशान राजकीय शिक्षक, करेंगे आंदोलन
Updated Thu, 16 Nov 2017 10:46 PM IST
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धुमाकोट। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ नैनीडांडा की धुमाकोट में आयोजित बैठक में ब्रिज कोर्स और डीएलएड की बाध्यता के निर्णय का विरोध किया गया। कहा कि इससे प्रदेश के विशिष्ट बीटीसी, सीपीएड, बीपीएड व मृतक आश्रित शिक्षकों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है। इसके विरोध में शिक्षक आंदोलन करेंगे।
ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश कंडारी ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की चूक के कारण एनसीटीई की मान्यता लेने से चूक के चलते राज्य के विशिष्ट बीटीसी, सीपीएड, बीपीएड, मृतक आश्रित शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स और डीएलएड की बाध्यता होने से शिक्षक परेशान हैं। इसके विरोध में शिक्षकों ने पंजीकरण न करने का निर्णय लिया है। शिक्षकों ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की चूक के चलते प्रदेश के 14 हजार शिक्षक मानसिक उत्पीड़न से गुजर रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स और सीपीएड, बीपीएड, मृतक आश्रित शिक्षकों के लिए डीएलएड कोर्स की बाध्यता कर दी गई है। प्रदेश संगठन की 15 नवंबर को आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया है कि जिलेवार शिक्षा निदेशालय में 22 नवंबर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने उपजिलाधिकारी के जरिए प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिक्षकों की समस्या का निस्तारण करवाने की मांग की है। इस मौके पर मंत्री धनवीर सिंह, कोषाध्यक्ष संजय रावत, वीरेंद्र रावत, विवेकानंद जोशी, मनोज द्विवेदी, देवेंद्र रावत, संजय सैनी, विपिन कुमार, चमन गिरी, अनीता गौनियाल व सुमन राणा सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश कंडारी ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की चूक के कारण एनसीटीई की मान्यता लेने से चूक के चलते राज्य के विशिष्ट बीटीसी, सीपीएड, बीपीएड, मृतक आश्रित शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स और डीएलएड की बाध्यता होने से शिक्षक परेशान हैं। इसके विरोध में शिक्षकों ने पंजीकरण न करने का निर्णय लिया है। शिक्षकों ने कहा कि विभागीय अधिकारियों की चूक के चलते प्रदेश के 14 हजार शिक्षक मानसिक उत्पीड़न से गुजर रहे हैं। अधिकारियों की लापरवाही के चलते विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स और सीपीएड, बीपीएड, मृतक आश्रित शिक्षकों के लिए डीएलएड कोर्स की बाध्यता कर दी गई है। प्रदेश संगठन की 15 नवंबर को आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया है कि जिलेवार शिक्षा निदेशालय में 22 नवंबर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ ने उपजिलाधिकारी के जरिए प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिक्षकों की समस्या का निस्तारण करवाने की मांग की है। इस मौके पर मंत्री धनवीर सिंह, कोषाध्यक्ष संजय रावत, वीरेंद्र रावत, विवेकानंद जोशी, मनोज द्विवेदी, देवेंद्र रावत, संजय सैनी, विपिन कुमार, चमन गिरी, अनीता गौनियाल व सुमन राणा सहित अन्य शिक्षक मौजूद रहे।
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