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नगर निगम के विरोध में ग्रामीणों ने फूंका सीएम का पुतला
Updated Sat, 21 Oct 2017 10:30 PM IST
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कोटद्वार। उत्तराखंड आंदोलनकारी राष्ट्रीय मोर्चा की अगुवाई में नगर निगम के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
शनिवार को मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय ध्यानी के नेतृत्व में ग्रामीण देवी रोड सुखरौ देवी मंदिर के समक्ष एकत्र हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए कोटद्वार-भाबर के 73 गांवों को जबरन नगर पालिका में शामिल कर नगर निगम बना रही है। सरकार की इन जनविरोधी नीतियों का खामियाजा ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ेगा। सरकार की हिटलरशाही का आलम यह है कि विरोध के बावजूद सरकार 23 अक्तूबर तक सीमांकन करने की बात कर रही है। सीमांकन के लिए गांव में घुसने वाले अधिकारियों का पूर्ण विरोध किया जाएगा। उन्होंने सरकार से जिलाधिकारी को जनता के बीच सुनवाई के लिए भेजे जाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
इस अवसर पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांती, सुरेश रावत, हरीश घिल्डियाल, किसान नेता पातीराम ध्यानी, डबल सिंह रावत, चंद्रप्रकाश नैथानी, अजय मिश्रा, विजय चमोली, वीरेंद्र थलेडी, ओम प्रकाश, शंभू प्रसाद कुकशाल, रूपेश, सुधांशु बिष्ट आदि मौजूद थे।
शनिवार को मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय ध्यानी के नेतृत्व में ग्रामीण देवी रोड सुखरौ देवी मंदिर के समक्ष एकत्र हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार पर जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार तानाशाही रवैया अपनाते हुए कोटद्वार-भाबर के 73 गांवों को जबरन नगर पालिका में शामिल कर नगर निगम बना रही है। सरकार की इन जनविरोधी नीतियों का खामियाजा ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ेगा। सरकार की हिटलरशाही का आलम यह है कि विरोध के बावजूद सरकार 23 अक्तूबर तक सीमांकन करने की बात कर रही है। सीमांकन के लिए गांव में घुसने वाले अधिकारियों का पूर्ण विरोध किया जाएगा। उन्होंने सरकार से जिलाधिकारी को जनता के बीच सुनवाई के लिए भेजे जाने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
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इस अवसर पर पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांती, सुरेश रावत, हरीश घिल्डियाल, किसान नेता पातीराम ध्यानी, डबल सिंह रावत, चंद्रप्रकाश नैथानी, अजय मिश्रा, विजय चमोली, वीरेंद्र थलेडी, ओम प्रकाश, शंभू प्रसाद कुकशाल, रूपेश, सुधांशु बिष्ट आदि मौजूद थे।
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