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आशाओं को अन्य राज्यों की तरह मानदेय दे प्रदेश सरकार
Updated Wed, 18 Oct 2017 09:58 PM IST
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कोटद्वार। सीटू से संबंद्ध उत्तराखंड स्वास्थ्य आशा कार्यकत्री यूनियन से जुड़ी आशा कार्यकत्रियों का कार्यबहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। दुगड्डा, जयहरीखाल और द्वारीखाल ब्लॉक की आशा कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने मांगें नहीं माने जाने पर कार्यबहिष्कार जारी रखने की चेतावनी दी।
बुधवार को यूनियन अध्यक्ष प्रभा चौधरी के नेतृत्व में आशा कार्यकत्री तहसील में एकत्र हुई और धरना दिया। इस अवसर पर अयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार पर उनकी उपेक्षा का अरोप लगाया। कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से आंगनबाड़ी, भोजन माताओं और आशा कार्यकत्रियों को बोनस दिए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन उन्हें आज तक बोनस नहीं दिया गया। हरियाणा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तेलंगाना में आशा कार्यकत्रियों को उचित मानदेय दिया जाता है, लेकिन प्रदेश सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी की घोषणा के अनुसार वर्ष 2012 से 2017 तक 5000 रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देने और अन्य राज्य कर्मचारियों की भांति उनका भी बीमा कराने की मांग की। इस अवसर पर यूनियन सचिव रंजना कोटनाला, उपाध्यक्ष मीरा नेगी समेत तमाम आशा कार्यकत्रियां मौजूद थीं।
बुधवार को यूनियन अध्यक्ष प्रभा चौधरी के नेतृत्व में आशा कार्यकत्री तहसील में एकत्र हुई और धरना दिया। इस अवसर पर अयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार पर उनकी उपेक्षा का अरोप लगाया। कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से आंगनबाड़ी, भोजन माताओं और आशा कार्यकत्रियों को बोनस दिए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन उन्हें आज तक बोनस नहीं दिया गया। हरियाणा, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तेलंगाना में आशा कार्यकत्रियों को उचित मानदेय दिया जाता है, लेकिन प्रदेश सरकार उनकी उपेक्षा कर रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बीसी खंडूड़ी की घोषणा के अनुसार वर्ष 2012 से 2017 तक 5000 रुपये प्रतिवर्ष के हिसाब से एकमुश्त प्रोत्साहन राशि देने और अन्य राज्य कर्मचारियों की भांति उनका भी बीमा कराने की मांग की। इस अवसर पर यूनियन सचिव रंजना कोटनाला, उपाध्यक्ष मीरा नेगी समेत तमाम आशा कार्यकत्रियां मौजूद थीं।
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