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आस्था का प्रतीक श्रीसिद्धबली वार्षिक महोत्सव आज से, तैयारियां पूरी
Updated Thu, 29 Nov 2018 09:53 PM IST
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कोटद्वार। प्रसिद्ध धाम श्रीसिद्धबली बाबा मंदिर में तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। शुक्रवार को ब्रह्ममुहूर्त में सुबह पांच बजे पिंडी महाभिषेक के साथ धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत हो जाएगी। पुलिस प्रशासन की ओर से महोत्सव के लिए सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई है। महोत्सव के लिए श्रीसिद्धबली बाबा के मंदिर को आकर्षक लाइटों और फूलों से सजाया गया है।
शुक्रवार सुबह पांच बजे पिंडी महाभिषेक के बाद सात बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एकादश कुंडलीय यज्ञ किया जाएगा। इसके बाद मंदिर परिक्रमा और ध्वज पूजा के साथ महोत्सव आगे बढ़ेगा। दस बजे मंदिर में सुंदरकांड का आयोजन किया जाएगा। शाम तीन बजे मंदिर से नगर तक बैंड बाजों, ढोल नगाड़ों और अनेक झांकियों के साथ शहर के मुख्य मार्गों में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें मुख्य आकर्षण का केंद्र श्रीसिद्धबली बाबा की झांकी रहेगी।
शनिवार को दूसरे दिन की शुरुआत पिंडी महाभिषेक, एकादश कुंडलीय यज्ञ से होगी। इसमें श्रद्धालु और यजमान आहुति डालेंगे। इसके बाद बाबा के जागरों का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद सिद्धबाबा को सवा मन का रोट चढ़ा कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। दोपहर बाद गढ़वाली भजन संध्या में भजन गायिका संगीता ढौंडियाल और साथी गढ़वाली भजनों की प्रस्तुति देंगे।
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महोत्सव के तीसरे दिन रविवार सुबह एकादश कुुंडीय में पूर्णाहुति होगी। इसके बाद दोपहर से भजन गायक पवन गोदियाल और उनकी टीम सिद्धबली बाबा का गुणगान करेंगे। मंदिर के महंत दिलीप रावत और मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंज बिहारी देवरानी ने लोगों से महोत्सव के सफल आयोजन के लिए उन्हें सहयोग देने की अपील की है।
-फोटो
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शुक्रवार सुबह पांच बजे पिंडी महाभिषेक के बाद सात बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एकादश कुंडलीय यज्ञ किया जाएगा। इसके बाद मंदिर परिक्रमा और ध्वज पूजा के साथ महोत्सव आगे बढ़ेगा। दस बजे मंदिर में सुंदरकांड का आयोजन किया जाएगा। शाम तीन बजे मंदिर से नगर तक बैंड बाजों, ढोल नगाड़ों और अनेक झांकियों के साथ शहर के मुख्य मार्गों में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें मुख्य आकर्षण का केंद्र श्रीसिद्धबली बाबा की झांकी रहेगी।
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शनिवार को दूसरे दिन की शुरुआत पिंडी महाभिषेक, एकादश कुंडलीय यज्ञ से होगी। इसमें श्रद्धालु और यजमान आहुति डालेंगे। इसके बाद बाबा के जागरों का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद सिद्धबाबा को सवा मन का रोट चढ़ा कर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। दोपहर बाद गढ़वाली भजन संध्या में भजन गायिका संगीता ढौंडियाल और साथी गढ़वाली भजनों की प्रस्तुति देंगे।
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महोत्सव के तीसरे दिन रविवार सुबह एकादश कुुंडीय में पूर्णाहुति होगी। इसके बाद दोपहर से भजन गायक पवन गोदियाल और उनकी टीम सिद्धबली बाबा का गुणगान करेंगे। मंदिर के महंत दिलीप रावत और मंदिर समिति के अध्यक्ष कुंज बिहारी देवरानी ने लोगों से महोत्सव के सफल आयोजन के लिए उन्हें सहयोग देने की अपील की है।
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