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हत्या के प्रयास में डीजे कोर्ट का आदेश बरकरार, हाईकोर्ट ने खारिज की अपील
Updated Tue, 09 Jan 2018 10:41 PM IST
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कोटद्वार। नैनीताल हाईकोर्ट ने कोटद्वार कोतवाली क्षेत्र के लालपानी गांव में हत्या के प्रयास में दोषसिद्ध आरोपी की अपील खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने डीजे कोर्ट पौड़ी की सजा को बरकरार रखते हुए जमानत पर चल रहे अभियुक्त को कस्टडी में लेकर सजा भोगने के आदेश दिए हैं।
पीड़ित मनमोहन जुयाल की पत्नी बैजयंती जुयाल ने बताया कि 21 जुलाई, 1997 की रात आठ बजे घरेलू विवाद के चलते उनके भतीजे राकेश मोहन ने अपने चाचा मनमोहन के सिर पर धारदार हथियार से प्रहार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। तब जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने हत्या के प्रयास में दोषसिद्ध पाते हुए राकेश को पांच साल की कैद और चार हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। डीजे कोर्ट द्वारा दी गई सजा के खिलाफ आरोपी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल में अपील दायर की गई थी, जहां हाईकोर्ट ने अपील को खारिज कर डीजे कोर्ट की सजा को बरकरार रखा।
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पीड़ित मनमोहन जुयाल की पत्नी बैजयंती जुयाल ने बताया कि 21 जुलाई, 1997 की रात आठ बजे घरेलू विवाद के चलते उनके भतीजे राकेश मोहन ने अपने चाचा मनमोहन के सिर पर धारदार हथियार से प्रहार कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। तब जिला एवं सत्र न्यायाधीश पौड़ी की अदालत ने हत्या के प्रयास में दोषसिद्ध पाते हुए राकेश को पांच साल की कैद और चार हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। डीजे कोर्ट द्वारा दी गई सजा के खिलाफ आरोपी ने उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल में अपील दायर की गई थी, जहां हाईकोर्ट ने अपील को खारिज कर डीजे कोर्ट की सजा को बरकरार रखा।
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