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खेतों में दो महीने से नहीं पहुंचा पानी, धान की फसल सूखी
Updated Sun, 08 Oct 2017 10:35 PM IST
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कोटद्वार। सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते ग्राम पंचायत बालासौड़ और हरिसंहपुर में धान की फसल बर्बाद हो रही है। लोग खेतों में पानी के लिए भटक रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग लोगों की चौपट हो रही खेती से अनजान बना हुआ है। ग्रामीणों को अब अपने परिवार की भरण पोषण की चिंता सताने लगी है।
विगत तीन और पांच अगस्त को आई आपदा में खोह नदी से सिंचाई के लिए बनाई गई दाईं खो नहर में मलबा जमा होने से क्षेत्र में सिंचाई ठप हो गई थी। तब से लोग लगातार सिंचाई विभाग से नहर की सफाई कराकर क्षेत्र के खेतों में पेयजल आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभागीय सुस्ती का आलम यह है कि विभाग आपदा को आए दो महीने होने के बाद भी अभी तक पेयजल सप्लाई नहीं कर पाया है। इसके कारण खेतों में उगी धान की फसल सूखने लगी है। इससे ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
ग्राम पंचायत बालासौड़ के उपप्रधान विजय ध्यानी, किसान नेता पातीराम ध्यानी, सुखदेव सिंह, संजय रावत, चिरंजीलाल धिल्डियाल ने सिंचाई विभाग पर ग्राम पंचायतों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि आपदा को बीते दो महीने हो गए हैं, लेकिन अभी तक विभाग नहर की सफाई नहीं करा पा रहा है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। बरसात में तो बारिश के पानी से किसी प्रकार फसल बड़ी हो गई है, लेकिन वर्तमान में धान की बाली निकलने लगी है। खेत में पानी नहीं होने के कारण अब खेत सूखने लग गए हैं। कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन आज तक खेतों में पानी नहीं पहुंचा है।
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नहर में भरे मलबे की सफाई का कार्य होने के कारण बालासौड़ में पानी नहीं पहुंच पाया है। सफाई का काम लगभग हो चुका है। जेई को भेजकर शीघ्र गांव के खेतों में पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
- सीपी भट्ट, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग कोटद्वार
-फोटो
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विगत तीन और पांच अगस्त को आई आपदा में खोह नदी से सिंचाई के लिए बनाई गई दाईं खो नहर में मलबा जमा होने से क्षेत्र में सिंचाई ठप हो गई थी। तब से लोग लगातार सिंचाई विभाग से नहर की सफाई कराकर क्षेत्र के खेतों में पेयजल आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, लेकिन विभागीय सुस्ती का आलम यह है कि विभाग आपदा को आए दो महीने होने के बाद भी अभी तक पेयजल सप्लाई नहीं कर पाया है। इसके कारण खेतों में उगी धान की फसल सूखने लगी है। इससे ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ आक्रोश है।
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ग्राम पंचायत बालासौड़ के उपप्रधान विजय ध्यानी, किसान नेता पातीराम ध्यानी, सुखदेव सिंह, संजय रावत, चिरंजीलाल धिल्डियाल ने सिंचाई विभाग पर ग्राम पंचायतों की उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि आपदा को बीते दो महीने हो गए हैं, लेकिन अभी तक विभाग नहर की सफाई नहीं करा पा रहा है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। बरसात में तो बारिश के पानी से किसी प्रकार फसल बड़ी हो गई है, लेकिन वर्तमान में धान की बाली निकलने लगी है। खेत में पानी नहीं होने के कारण अब खेत सूखने लग गए हैं। कई बार सिंचाई विभाग के अधिकारियों से लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन आज तक खेतों में पानी नहीं पहुंचा है।
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नहर में भरे मलबे की सफाई का कार्य होने के कारण बालासौड़ में पानी नहीं पहुंच पाया है। सफाई का काम लगभग हो चुका है। जेई को भेजकर शीघ्र गांव के खेतों में पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
- सीपी भट्ट, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग कोटद्वार
-फोटो