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राष्ट्रीय तीर्थ बनेगा भत की जन्मस्थली कण्वाश्रम: सतपाल महाराज

Mon, 17 Dec 2018 09:56 PM IST
Updated Mon, 17 Dec 2018 09:56 PM IST
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राष्ट्रीय तीर्थ बनेगा भत की जन्मस्थली कण्वाश्रम: सतपाल महाराज

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कण्वघाटी (कोटद्वार)। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को कण्वाश्रम में एडीबी सहायतित पर्यटन संरचना, विकास, निवेश कार्यक्रम के तहत 25 करोड़ की कण्वाश्रम पर्यटन विकास परियोजना का विधिवत शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि कण्वाश्रम राष्ट्रीय तीर्थ बनेगा, इसे महज पिकनिक स्पॉट नहीं, बल्कि राष्ट्रीय धरोहर के रुप में विकसित किया जाएगा। यहां के इतिहास और आध्यात्मिक रूप को विकसित किया जाएगा। इसमें राजा भरत और महर्षि कण्व की आदमकद प्रतिमा लगाई जाएगी। क्षेत्रीय विधायक व वन मंत्री डा.हरक सिंह ने कहा कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कण्वाश्रम में इंटरनेशनल स्तर का जू बनाने की कवायद चल रही है।
कोटद्वार से करीब 16 किमी दूर हिमालय की तलहटी में बसे कण्वाश्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए पर्यटन मंत्री ने बताया कि पूर्व में स्वीकृत कण्वाश्रम परियोजना को कई बदलाव के साथ धरातल पर उतारा जा रहा है। कहा कि महर्षि कण्व की तपस्थली और देश को नाम देने वाले चक्रवर्ती सम्राट भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम राष्ट्रीय तीर्थ है।
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पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि 25 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन परियोजना में राजा भरत की 40 फीट और महर्षि कण्व की 25 फीट की आदमकद प्रतिमा, वैदिक गांव, झील, म्यूजियम, शकुंतला उद्यान, थियेटर, वाटर स्क्रीन शो, डियर पार्क, मेडिटेशन सेंटर और योगा पार्क भी बनाया जाएगा। कार्यदायी संस्था एडीबी को यह कार्य एक वर्ष में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में बनकर तैयार हुए नार्थ कॉर्बेट पार्क का जल्द ही लोकार्पण कर दिया जाएगा। उन्होंने राज्य की अन्य पर्यटन योजनाओं की भी विस्तार से जानकारी दी।
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जनसभा को संबोधित करते हुए वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कण्वाश्रम को 125 करोड़ देशवासियों की ऐतिहासिक धरोहर बताया। आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों ने कण्वाश्रम के इतिहास को मालन नदी के पत्थरों के नीचे दबाकर रखा, जिससे इस क्षेत्र को उसका मान सम्मान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कण्वाश्रम में इंटरनेशनल स्तर का जू बनाने की कवायद चल रही है। कण्वाश्रम में शमशान घाट, मंदिर के रास्ते और अन्य सौन्दर्यीकरण कार्य करवाने के लिए प्रदेश सरकार धन मुहैया कराएगी। गुरुकुल महाविद्यालय के संस्थापक आधुनिक भीम, योगाचार्य विश्वपाल जयंत ने अपने संबोधन में कण्वाश्रम को जोड़ने वाले दोनों मार्गों पर कण्व और भरत द्वार बनाने और मालिनी मृग विहार की दशा को सुधारने की मांग की। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्षद शैलेश शैलेंद्र डबराल और संचालन भाजपा महामंत्री बीरेंद्र रावत ने की। कार्यक्रम को कण्वाश्रम विकास समिति की महासचिव आभा डबराल, पूर्व पालिकाध्यक्ष रश्मि राणा, पर्यटन निदेशक पुरुषोत्तम ने संबोधित किया।
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