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पुरातात्विक महत्व के अनुसार हो कण्वाश्रम का विकास
Updated Sat, 23 Jun 2018 10:52 PM IST
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कोटद्वार। कण्वाश्रम विकास समिति ने कण्वाश्रम के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के अनुसार विकास करने की मांग राज्य और केंद्र सरकार से की है।
कण्वाश्रम विकास समिति के अध्यक्ष ले. कमांडर बीएस रावत (सेनि) और महासचिव चंद्रप्रकाश नैथानी ने बताया कि गढ़वाल मंडल के चार प्रमुख तीर्थस्थलों और महत्वपूर्ण स्थान गंगोत्री, यमनोत्री, माणा और कण्वाश्रम को केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ आइकॉनिक स्थल घोषित किया गया है। कण्वाश्रम के बारे में कार्ययोजना बनाने के लिए समिति की देहरादून में स्वजल के आला अधिकारियों की साथ बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें कण्वाश्रम की एतिहासिकता और पुरातात्विक महत्व को देखते हुए ही योजनाओं का निर्माण करने की मांग उठाई गई। समिति ने कहा कि कण्वाश्रम की विकास योजनाएं केवल सैर-सपाटे तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए।
समिति ने कण्वाश्रम पर हुई चर्चा के दौरान कण्वाश्रम में मंदिर की ओर सुरक्षा दीवार मार्ग का निर्माण, सौंदर्यीकरण, मंदिर परिसर में अभिज्ञान शाकुंतलम में उल्लेखनीय प्रजाति के वृक्ष व वाटिकाओं का निर्माण, पार्किंग, शौचालय, सौर ऊर्जा लाइट, संग्रहालय, गैलरी, साइनेज लगाए जाने की मांग की है। कहा कि कण्वाश्रम के विकास से संबंधित बैठक में भारतीय पुरातत्व विभाग को भी बुलाया जाना चाहिए।
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कण्वाश्रम विकास समिति के अध्यक्ष ले. कमांडर बीएस रावत (सेनि) और महासचिव चंद्रप्रकाश नैथानी ने बताया कि गढ़वाल मंडल के चार प्रमुख तीर्थस्थलों और महत्वपूर्ण स्थान गंगोत्री, यमनोत्री, माणा और कण्वाश्रम को केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छ आइकॉनिक स्थल घोषित किया गया है। कण्वाश्रम के बारे में कार्ययोजना बनाने के लिए समिति की देहरादून में स्वजल के आला अधिकारियों की साथ बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें कण्वाश्रम की एतिहासिकता और पुरातात्विक महत्व को देखते हुए ही योजनाओं का निर्माण करने की मांग उठाई गई। समिति ने कहा कि कण्वाश्रम की विकास योजनाएं केवल सैर-सपाटे तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए।
समिति ने कण्वाश्रम पर हुई चर्चा के दौरान कण्वाश्रम में मंदिर की ओर सुरक्षा दीवार मार्ग का निर्माण, सौंदर्यीकरण, मंदिर परिसर में अभिज्ञान शाकुंतलम में उल्लेखनीय प्रजाति के वृक्ष व वाटिकाओं का निर्माण, पार्किंग, शौचालय, सौर ऊर्जा लाइट, संग्रहालय, गैलरी, साइनेज लगाए जाने की मांग की है। कहा कि कण्वाश्रम के विकास से संबंधित बैठक में भारतीय पुरातत्व विभाग को भी बुलाया जाना चाहिए।
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