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यूपी के सीएम का परिवार और सुरक्षा कर्मी ढो रहे हैं एक किमी. से पानी
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water
- फोटो : amarujala
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यमकेश्वर। जलसंस्थान की लापरवाही के चलते यमकेश्वर ब्लाक के पंचूर और बोरगांव में पेयजल संकट गहरा गया है। आलम यह है कि यूूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का परिवार, परिवार की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी और गांव के 34 परिवार एक किमी दूर से पानी ढोने को मजबूर हैं।
1992-93 में यमकेश्वर ब्लाक की ग्राम पंचायत सीला के उपग्राम पंचूर के 18 परिवारों और बोरगांव के 16 परिवारों की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए सरकार द्वारा ढूंगा संकरा गदेरे से पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन जलसंस्थान की अनदेखी के चलते योजना बदहाल होती गई। वर्तमान में हालत यह है कि 21 मार्च से गांव की पेयजल योजना ठप है। लोग एक किमी दूर मलेथा के प्राकृतिक जलस्रोत से पीने का पानी सिर पर ढो रहे हैं।
ग्रामीण बचन सिंह, मानेंद्र बिष्ट, रविंद्र बडोला, अखिलेश बडोला व कीर्तिमोहन बडोला ने जलसंस्थान पर गांव की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिन से गांव में एक बूूंद पानी नहीं टपका है। यही नहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का परिवार और उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को भी पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जलस्रोत में काफी मात्रा में पीने का पानी होने के बाद भी विभाग के अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।
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उधर, जलसंस्थान के जेई रतन सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार-पंचूर पेयजल योजना पर विगत चार दिन से पीने का पानी नहीं आने की शिकायत मिली है। फीटर को भेजकर शीघ्र समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
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1992-93 में यमकेश्वर ब्लाक की ग्राम पंचायत सीला के उपग्राम पंचूर के 18 परिवारों और बोरगांव के 16 परिवारों की पेयजल समस्या को दूर करने के लिए सरकार द्वारा ढूंगा संकरा गदेरे से पेयजल योजना बनाई गई थी, लेकिन जलसंस्थान की अनदेखी के चलते योजना बदहाल होती गई। वर्तमान में हालत यह है कि 21 मार्च से गांव की पेयजल योजना ठप है। लोग एक किमी दूर मलेथा के प्राकृतिक जलस्रोत से पीने का पानी सिर पर ढो रहे हैं।
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ग्रामीण बचन सिंह, मानेंद्र बिष्ट, रविंद्र बडोला, अखिलेश बडोला व कीर्तिमोहन बडोला ने जलसंस्थान पर गांव की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दिन से गांव में एक बूूंद पानी नहीं टपका है। यही नहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का परिवार और उनकी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को भी पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। जलस्रोत में काफी मात्रा में पीने का पानी होने के बाद भी विभाग के अधिकारी उनकी समस्या का समाधान नहीं कर रहे हैं।
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उधर, जलसंस्थान के जेई रतन सिंह रावत ने बताया कि कोटद्वार-पंचूर पेयजल योजना पर विगत चार दिन से पीने का पानी नहीं आने की शिकायत मिली है। फीटर को भेजकर शीघ्र समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।