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सुशील रघुवंशी हत्याकांड: 15 महीने बाद भी पुलिस, एसटीएफ और एसआईटी के हाथ खाली
Updated Wed, 12 Dec 2018 09:07 PM IST
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कोटद्वार। बहुचर्चित वकील सुशील रघुवंशी हत्याकांड को 15 महीने हो गए, लेकिन पुलिस और जांच एजेंसियां हत्यारों तक नहीं पहुंच सके हैं। पौड़ी जिला पुलिस, जिले की सीआईयू और एसटीएफ की जांच के बाद अब हाईकोर्ट के आदेश पर गठित एसआईटी मामले की जांच में जुट गई है, लेकिन अभी तक जांच एंजेसी को कोई लीड नहीं मिल पा रही है।
13 सितंबर 2017 की सुबह वकील सुशील रघुवंशी की उस वक्त गोली मारकर हत्या की दी गई थी, जब वह कचहरी जाने के लिए घर से निकले ही थे। घर के बाहर दिनदहाड़े वकील की हत्या के बाद कई दिनों तक बार एसोसिएशन समेत कई संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलित रहे। पौड़ी पुलिस के साथ ही जिले की क्राइम इंवेस्टीगेशन यूनिट (सीआईयू) ने भी हत्याकांड के खुलासे के लिए दिन रात एक कर दिया, लेकिन वे भी हत्याकांड की तह तक नहीं पहुंच पा रहे है। एसआईटी के लिए भी यह हत्याकांड पहेली बना हुआ है।
हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस मुख्यालय ने हत्याकांड के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन गत सितंबर में किया गया। टीम में एएसपी पौड़ी की अगुवाई में जिले के अधिकारी शामिल किए गए, लेकिन परिजनों और विभिन्न संगठनों ने इसका विरोध करते हुए जिले के बाहर के अधिकारियों की तैनाती की मांग की। डीआईजी अजय रौतेला ने दून की अपर पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल की अगुवाई में एसआईटी का गठन कर हत्याकांड की जांच उन्हें सौंप दी है। टीम ने मामले में नामजद समेत कई लोगों से पूछताछ कर जांच को आगे तो बढ़ाया, लेकिन उनके हाथ भी अभी तक हत्यारों तक नहीं पहुंच सके हैं।
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13 सितंबर 2017 की सुबह वकील सुशील रघुवंशी की उस वक्त गोली मारकर हत्या की दी गई थी, जब वह कचहरी जाने के लिए घर से निकले ही थे। घर के बाहर दिनदहाड़े वकील की हत्या के बाद कई दिनों तक बार एसोसिएशन समेत कई संगठन सड़कों पर उतरकर आंदोलित रहे। पौड़ी पुलिस के साथ ही जिले की क्राइम इंवेस्टीगेशन यूनिट (सीआईयू) ने भी हत्याकांड के खुलासे के लिए दिन रात एक कर दिया, लेकिन वे भी हत्याकांड की तह तक नहीं पहुंच पा रहे है। एसआईटी के लिए भी यह हत्याकांड पहेली बना हुआ है।
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हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस मुख्यालय ने हत्याकांड के लिए स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन गत सितंबर में किया गया। टीम में एएसपी पौड़ी की अगुवाई में जिले के अधिकारी शामिल किए गए, लेकिन परिजनों और विभिन्न संगठनों ने इसका विरोध करते हुए जिले के बाहर के अधिकारियों की तैनाती की मांग की। डीआईजी अजय रौतेला ने दून की अपर पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल की अगुवाई में एसआईटी का गठन कर हत्याकांड की जांच उन्हें सौंप दी है। टीम ने मामले में नामजद समेत कई लोगों से पूछताछ कर जांच को आगे तो बढ़ाया, लेकिन उनके हाथ भी अभी तक हत्यारों तक नहीं पहुंच सके हैं।
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