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मीलों दूर से पानी ढो रहे क्यार्की गांव के ग्रामीण
Updated Thu, 21 Jun 2018 10:27 PM IST
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धुमाकोट। धुमाकोेट-नैनीडांडा क्षेत्र के क्यार्की बिचला गांव के ग्रामीण पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। ग्रामीण मीलों की दूरी नापकर पीने का पानी ढो रहे हैं। बारिश न होने से जलस्रोतों के जलस्तर में कमी आ गई है, जिससे ग्रामीणों को गैडू रौला योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रधान रेखा देवी ने विधायक दिलीप रावत को ज्ञापन भेजकर पानी की समस्या से निजात दिलाने की मांग की।
प्रधान रेखा देवी और ग्रामीणों ने विधायक दिलीप रावत को भेजे पत्र में कहा कि जल निगम ने वर्ष 2006 में गैडू रौला योजना के अंतर्गत गांव में पेयजल लाइन बिछाई थी। वर्ष 2010 में योजना को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दिया था। कुछ समय तक तो योजना पर पानी खूब चला, लेकिन पिछले कुछ समय से पेयजल स्रोत सूखने से गांवों में पेयजल संकट पैदा हो गया है। क्षेत्र में बारिश नहीं होने से क्षेत्र के जलस्रोत सूखने के कगार पर हैं। मन्यागैरी स्रोत, काफलागैरी स्रोत में जलस्तर कम होने से क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद जलसंस्थान के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। प्रधान और ग्रामीणों ने विधायक दिलीप रावत से पेयजल योजना को किसी अन्य स्रोत से स्वीकृत कराने की मांग की है।
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प्रधान रेखा देवी और ग्रामीणों ने विधायक दिलीप रावत को भेजे पत्र में कहा कि जल निगम ने वर्ष 2006 में गैडू रौला योजना के अंतर्गत गांव में पेयजल लाइन बिछाई थी। वर्ष 2010 में योजना को ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दिया था। कुछ समय तक तो योजना पर पानी खूब चला, लेकिन पिछले कुछ समय से पेयजल स्रोत सूखने से गांवों में पेयजल संकट पैदा हो गया है। क्षेत्र में बारिश नहीं होने से क्षेत्र के जलस्रोत सूखने के कगार पर हैं। मन्यागैरी स्रोत, काफलागैरी स्रोत में जलस्तर कम होने से क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इसके बावजूद जलसंस्थान के अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। प्रधान और ग्रामीणों ने विधायक दिलीप रावत से पेयजल योजना को किसी अन्य स्रोत से स्वीकृत कराने की मांग की है।
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