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Kotdwar News: सर्जन सतीश कुमार ने बचाई गीता की जान, पेट से निकाली 10 किलो रसौली
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राजकीय बेस अस्पताल के सर्जन डॉ. सतीश कुमार ने एक महिला का सफल ऑपरेशन कर उसके पेट से 10 किलो रसोली निकाली।
एकेश्वर ब्लॉक के ककतून गांव श्रीकोटखाल निवासी महिला गीता देवी (40) पत्नी अनूप सिंह का पेट कुछ महीनों से बड़ा हो रहा था। कुछ माह तक वह खुद को गर्भवती समझ रही थी, लेकिन लगातार पेट बढ़ने और पेट के अंदर किसी प्रकार की हरकत नहीं होने पर वह बीते तीन जनवरी को राजकीय बेस चिकित्सालय में महिला रोग विशेषज्ञ के पास पहुंची।
चिकित्सक ने जांच करने के बाद पाया कि उसके पेट में बच्चा नहीं है और उसे सर्जन के पास भेज दिया। सर्जन ने प्रारंभिक जांच के बाद महिला को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पेट में एक गोला होने की बात सामने आई। इसके बाद उन्होंने महिला का एमआरआई कराया। जिसके बाद महिला के पेट में रसौली की पुष्टि हुई। पांच जनवरी को महिला को सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया। छह जनवरी को उसका ऑपरेशन किया गया।
वरिष्ठ सर्जन डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के समय उन्होंने महिला के पेट में पहले छोटा कट लगाया, लेकिन पेट के अंदर बहुत बड़ी रसौली देखकर वे दंग रह गए। उन्होंने बड़ी सावधानी के साथ करीब एक घंटे तक गंभीर ऑपरेशन किया और महिला के पेट से 10 किलो की रसौली बाहर निकाली। बताया कि कुछ और दिन यह रसोली महिला के पेट में रह जाती तो उसके जीवन को खतरा हो सकता था। इस ऑपरेशन में उनके साथ वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. एसडी आर्य, नर्स इंदु और रंजीत कौर ने सहयोग दिया।
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एकेश्वर ब्लॉक के ककतून गांव श्रीकोटखाल निवासी महिला गीता देवी (40) पत्नी अनूप सिंह का पेट कुछ महीनों से बड़ा हो रहा था। कुछ माह तक वह खुद को गर्भवती समझ रही थी, लेकिन लगातार पेट बढ़ने और पेट के अंदर किसी प्रकार की हरकत नहीं होने पर वह बीते तीन जनवरी को राजकीय बेस चिकित्सालय में महिला रोग विशेषज्ञ के पास पहुंची।
चिकित्सक ने जांच करने के बाद पाया कि उसके पेट में बच्चा नहीं है और उसे सर्जन के पास भेज दिया। सर्जन ने प्रारंभिक जांच के बाद महिला को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पेट में एक गोला होने की बात सामने आई। इसके बाद उन्होंने महिला का एमआरआई कराया। जिसके बाद महिला के पेट में रसौली की पुष्टि हुई। पांच जनवरी को महिला को सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया। छह जनवरी को उसका ऑपरेशन किया गया।
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वरिष्ठ सर्जन डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के समय उन्होंने महिला के पेट में पहले छोटा कट लगाया, लेकिन पेट के अंदर बहुत बड़ी रसौली देखकर वे दंग रह गए। उन्होंने बड़ी सावधानी के साथ करीब एक घंटे तक गंभीर ऑपरेशन किया और महिला के पेट से 10 किलो की रसौली बाहर निकाली। बताया कि कुछ और दिन यह रसोली महिला के पेट में रह जाती तो उसके जीवन को खतरा हो सकता था। इस ऑपरेशन में उनके साथ वरिष्ठ निश्चेतक डॉ. एसडी आर्य, नर्स इंदु और रंजीत कौर ने सहयोग दिया।
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