फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Internal dissatisfaction on uttarakhand congress

उत्तराखंड सियासी संकटः बागियों ने खोला 'राज', बताई बगावत की सही वजह

Tue, 26 Apr 2016 04:36 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 26 Apr 2016 04:36 PM IST
विज्ञापन
Internal dissatisfaction on uttarakhand congress
विजय बहुगुणा - फोटो : ANI

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नौ बागी विधायकों के बीच का संघर्ष अब दूसरे दौर में पहुंच गया है।

विज्ञापन


बागी नौ विधायकों की ओर से अब 18 मार्च को सदन में सरकार के विरोध के मामले को कांग्रेस के अंदरूनी असंतोष की तरह पेश किया जा रहा है। हालांकि, 18 मार्च को सदन में इन विधायकों ने भाजपा जिंदाबाद के नारे भी जमकर लगाए थे।

पूर्व हेमवती नंदन बहुगुणा के जन्मदिवस के मौके पर मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के साथ ही पूर्व मंत्री हरक सिंह, सुबोध उनियाल, प्रदीप बतरा आदि की भी दून में उपस्थिति रही। विजय बहुगुणा ने फिर दोहराया कि वे कांग्रेसी हैं। हरक सिंह ने साफ कहा कि विरोध कांग्रेस के मुख्यमंत्री के खिलाफ है।
विज्ञापन


हाईकोर्ट में भी इन विधायकों की करीब-करीब यही दलील रही। कांग्रेस भी अब यह स्वीकार कर रही है कि प्रदेश की सियासत में कांग्रेस के बागी विधायकों की सदस्यता समाप्त होने का मामला खासा महत्वपूर्ण है। बागी कांग्रेस विधायक अगर कोर्ट से अपनी सदस्यता बचा ले जाते हैं तो यह पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के लिए झटका होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट में सदस्यता के मामले के लंबित होने के चलते ही कांग्रेस ने अभी इन विधायकों की पार्टी की सदस्यता को समाप्त नहीं किया है। यह भी माना जा रहा है कि यह मामला अभी लंबा खिंचेगा। दूसरी ओर, बागी विधायकों ने अब अपने रुख में तब्दीली की है। इन विधायकों ने 18 मार्च को सदन में हुए हंगामे को कांग्रेस के अंदरूनी असंतोष से जोड़कर पेश किया है।

इनका यह रुख भाजपा को भी भा रहा है। भाजपा भी कानूनी लड़ाई को देखते हुए कह रहीहै कि कांग्रेस अपने ही कुनबे को संभाल नहीं पा रही है। सोमवार को हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के बहाने दून में एकत्रित हुए बागी विधायकों ने अपने इस रुख का परिचय भी दिया। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि मामला कोर्ट में है।

अलग दल बनाने पर कोई विचार नहीं

Internal dissatisfaction on uttarakhand congress
कोर्ट, कंज्यूमर फोरम - फोटो : फाइल फोटो

फिलहाल अलग दल बनाने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। बहुगुणा के मुताबिक कोर्ट का फैसला आने के बाद ही अन्य स्थितियां साफ होंगी। उधर, कांग्रेस का कहना है कि बागी विधायकों को अगर हरीश रावत से ही शिकायत थी तो इस बात को आलाकमान या पार्टी फोरम पर उठाते। भाजपा से हाथ मिलाकर सरकार को गिराने का काम करने के बाद बागी विधायकों को यह कहने का हक नहीं है।

दूसरी ओर, पूर्व मंत्री हरक सिंह खासे उग्र दिखाई दिए। हरक ने सीधे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत पर निशाना साधा और कहा कि हरीश रावत सहानुभूति बटोरने के लिए अब पदयात्राएं करते नजर आ रहे हैं। इस कार्यक्रम में विजय बहुगुणा और हरक सिंह के अलावा सुबोध उनियाल, उमेश शर्मा काऊ, प्रदीप बतरा आदि शामिल हुए। हेमवती नंदन बहुगुणा के जन्मदिवस के इस मौके पर खुद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे। रावत ने बागी विधायकों के आरोपों को सिरे से नकारा।

एचएन बहुगुणा होते तो दे देता अपना इस्तीफा
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने अपने पिता एचएन बहुगुणा से जुड़ी यादों को उकेरते हुए कहा कि वित्त विनियोग विधेयक गिरने पर एचएन बहुगुणा अगर मुख्यमंत्री होते तो वे राजभवन पहुंचकर तुरंत इस्तीफा दे देते।

बहुगुणा ने रावत को लिया निशाने पर
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी निशाने पर लिया। बहुगुणा ने आरोप लगाया कि 2012 में हरीश रावत ने 18 विधायकों को साथ लेकर नितिन गडकरी से मुलाकात की थी। रावत उस समय मुख्यमंत्री नहीं बन पाए।

2013 की आपदा में विजय बहुगुणा के मुख्यमंत्री रहते हुए राहत कार्य को अन्य राज्यों ने सराहा पर हरीश रावत लगातार विरोध जताते रहे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बाद में इस आरोप को नकारा। रावत ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ कभी कोई कदम नहीं उठाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed