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भागीरथी का जलस्तर बढ़ा, अब उत्तरकाशी खतरे में
उत्तरकाशी/ब्यूरो
Updated Sat, 29 Jun 2013 03:22 AM IST
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गंगा भागीरथी के प्रवाह पथ के बीच भारी मलबा जमा होने से अब जोशियाड़ा के साथ ही उत्तरकाशी नगर पर भी खतरा बढ़ रहा है।
शुक्रवार को बारिश के बाद भागीरथी का जलस्तर बढ़ने पर पौराणिक मणिकर्णिका घाट वाले हिस्से में कटाव शुरू होने से बस्ती को खतरा हो गया। इससे शहर में भगदड़ मच गई।
सिंचाई विभाग द्वारा यहां पत्थर डालकर कर किए जा रहे सुरक्षा के उपाय सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं।
पिछले वर्ष अगस्त की बाढ़ में नगर क्षेत्र में भागीरथी का तल असामान्य रूप से ऊंचा उठ गया था। इस बार 16 व 17 जून की बाढ़ में इसके दुष्प्रभाव सामने आए।
तिलोथ से लेकर जोशियाड़ा तक भारी तबाही मची। दस दिनों से हालात कुछ सामान्य हो चले थे, लेकिन शुक्रवार की सुबह मणिकर्णिका घाट वाले हिस्से में कटाव शुरू हो गया।
प्रशासन ने यहां खतरे की जद में आए भवनों को खाली करवा दिया है। सिंचाई विभाग यहां पत्थर उड़ेलकर नदी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास तो कर रहा है।
लेकिन पुराने अनुभव और अब नदी में जलस्तर निरंतर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए नगरवासियों में हड़कंप की स्थिति है।
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शुक्रवार को बारिश के बाद भागीरथी का जलस्तर बढ़ने पर पौराणिक मणिकर्णिका घाट वाले हिस्से में कटाव शुरू होने से बस्ती को खतरा हो गया। इससे शहर में भगदड़ मच गई।
सिंचाई विभाग द्वारा यहां पत्थर डालकर कर किए जा रहे सुरक्षा के उपाय सफल होते नजर नहीं आ रहे हैं।
पिछले वर्ष अगस्त की बाढ़ में नगर क्षेत्र में भागीरथी का तल असामान्य रूप से ऊंचा उठ गया था। इस बार 16 व 17 जून की बाढ़ में इसके दुष्प्रभाव सामने आए।
तिलोथ से लेकर जोशियाड़ा तक भारी तबाही मची। दस दिनों से हालात कुछ सामान्य हो चले थे, लेकिन शुक्रवार की सुबह मणिकर्णिका घाट वाले हिस्से में कटाव शुरू हो गया।
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प्रशासन ने यहां खतरे की जद में आए भवनों को खाली करवा दिया है। सिंचाई विभाग यहां पत्थर उड़ेलकर नदी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास तो कर रहा है।
लेकिन पुराने अनुभव और अब नदी में जलस्तर निरंतर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए नगरवासियों में हड़कंप की स्थिति है।