केंद्र को मात देने को रावत का बड़ा पैंतरा, SC में दाखिल की कैविएट
- - केंद्र के सुप्रीम कोर्ट में जाने से पहले हरीश रावत ने उठाया सुरक्षात्मक कदम
- - अब सुप्रीम कोर्ट कोई फैसला देने से पहले सुनेगा उत्तराखंड के सीएम का पक्ष
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नैनीताल हाईकोर्ट के उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने के खिलाफ दिए गए निर्णय को लेकर केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने वाली है। यहां वह नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देगी।
हालांकि शुक्रवार को केंद्र के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सुरक्षात्मक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी तरफ, रावत ने सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है।
केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय ले चुकी है। दरअसल केंद्र सरकार नहीं चाहती कि 29 अप्रैल को फ्लोर टेस्ट हो। उसकी मंशा फ्लोर टेस्ट रुकवाना है। ऐसे में वह सुप्रीम कोर्ट जा रही है।
अब फैसला देने से पहले सुप्रीम कोर्ट सुनेगी रावत का पक्ष
वहीं, हरीश रावत ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है। कैविएट दाखिल करने का मतलब यह है कि अब सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार की याचिका पर कोई भी निर्णय देने से पहले रावत का पक्ष जरूर सुनेगी।
हालांकि यह देखने वाली बात होगी की सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार के पक्ष में फैसला देता है कि नहीं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट से सख्त टिप्पणी के साथ आए इस निर्णय को गलत ठहराना केंद्र सरकार के लिए एक टेढ़ी खीर साबित होगी।