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वर्षों बाद भद्रा रहित होगी रक्षा बंधन
hridwar uttrakhanda india
Updated Sat, 13 Aug 2016 12:05 AM IST
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हरिद्वार। इस वर्ष रक्षा बंधन के दिन अड़चन डालने वाली भद्रा से यह पर्व पूरी तरह मुक्त होगा। इस वर्ष श्रावणी पर्व पर भद्रा नहीं पड़ रही है। पंचकों का रक्षा बंधन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
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ज्योतिषाचार्य डॉ. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार 18 अगस्त की सवेरे 3.40 बजे भद्रा समाप्त हो जाएगी। सूर्योदय काल से पूर्व ही रक्षा बंधन का मुहूर्त शुरू हो जाएगा। दोपहर बाद 2.55 बजे तक यह योग बना रहेगा। इसी दिन दोपहर 12.00 बजे पांच दिनों की पंचक प्रारंभ होंगे। इनका कोई प्रभाव पर्वों पर नहीं पड़ता। इन दिनों शनि भी मार्गी है और गुरु अपने पुत्र बुध की कन्या राशि में प्रवेश कर चुके हैं। यह पर्व चारों वर्णों के लिए बहुत शुभ है। घनिष्ठा नक्षत्र में यदि श्रावणी पर्व पड़ जाए तो और भी शुभ माना गया है। यहीं नक्षत्र श्रावणी पर पड़ रहा है।
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वृश्चिक लग्न दोपहर 12.40 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक रहने से यह काल रक्षा बंधन के लिए और भी शुभ हो चला है। वृश्चिक लग्न मंगल का नक्षत्र है। मंगल ही घनिष्ठा का स्वामी है, जो धन, संपत्ति, साहस और मित्रता प्रदान करता है। वर्षों बाद ऐसा योग बना है, जिस दिन कोई भी गृह वक्र गति से नहीं चल रहा। हेमाद्रि संकल्प स्नान दिन भर चलेगा। यज्ञोपवीतों और रक्षा सूत्रों का संधान किसी भी समय किया जा सकता है।
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