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कार्यकर्ता बनकर जाएंगे जनता के बीच: हरीश रावत
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Wed, 15 Mar 2017 10:15 PM IST
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विधानसभा चुनाव में दोनों सीटों पर करारी हार का सामना करने के बाद अब हरीश रावत का कहना है कि वे कार्यकर्ता बनकर जनता के बीच जाएंगे। नतीजों के बाद पहली बार हरिद्वार पहुंचे हरीश रावत ने माना कि केंद्र और राज्य में दस साल तक सत्ता में रहे तो कुछ गलतियां तो हो जाती हैं, लेकिन ऐसी उम्मीद नहीं थी।
बुधवार को हरिद्वार पहुंचे हरीश रावत ने अमर उजाला से बातचीत में हार का दुखड़ा रोया। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को हराया तो इस तरह की जैसे मकान को ही उखाड़ दिया हो। हमको ये कतई उम्मीद नहीं थी कि लोकतंत्र के मालिक इस तरह से उन्हें बेदखल कर देंगे। उन्होंने तो कतई बाहर की कर दिया। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष में बैठकर कार्य करेंगे और कार्यकर्ता बनकर जनता के बीच में जाएंगे। उन्होंने अपने विकास कार्य गिनाते हुए कहा कि बिहारीगढ़ तक विकास कार्य कराए। इससे लक्सर, हरिद्वार तक अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। हरिद्वार को भी रोशन किया, लेकिन इसके बावजूद भी बुरी तरह से हार गए। वे बोले कि अब कोई हार को खराब मैनेजमेंट बताए या अन्य कोई कारण, लेकिन मैं हरिद्वार की जनता के बीच में एक विधायक से अधिक रहा हूं। हरिद्वार की हार पूरी तरह से अपच रही है। उन्होंने नई सरकार से उम्मीद जताई कि हरिद्वार का विकास होता रहना चाहिए। संगठन में किसी तरह के बदलाव के सवाल पर वे बोले कि अभी किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
तकनीक में हो सकती है खामी
ईवीएम में तकनीकी खामी पर बोले कि अभी में किसी निष्कर्ष पर नहीं हूं, लेकिन जब मायावती जैसी जिम्मेदार व्यक्तित्व ईवीएम में खराबी की बात करती है तो उनकी बात को गंभीरता से लेना चाहिए और ईवीएम की तकनीकी जांच करा लेनी चाहिए। ईवीएम तकनीक है, इसमें भी खामी हो सकती है।
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गंगा आरती के बाद परिजनों को दी सांत्वना
कार्यवाहक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरकी पैड़ी पहुंचकर गंगा आरती में भाग लिया। इसके बाद वे सतपाल ब्रह्मचारी के आश्रम राधा कृष्ण धाम, कांग्रेस के प्रत्याशी रहे ब्रह्मचारी ब्रह्मस्वरूप की पीठ जयराम आश्रम पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं से बातचीत की। इसके बाद वे निर्मला छावनी एमपी शर्मा के घर पहुंचे, जहां अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी के परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने एसएसपी से जांच कराकर आरोपियों पर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। यहां से वे निरजंनी अखाड़ा में गए, जहां लालता गिरि को श्रद्घांजलि दी। इसके बाद बड़ा उदासीन अखाड़ा में संतोष मुनि को श्रद्घांजलि दी। फिर वे महानिर्वाणी अखाड़ा में पहुंचे, जहां अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि, महामंत्री हरि गिरि, रविंद्र पुरी आदि संतों से मिले। इस मौके पर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, पुरुषोत्तम शर्मा, अरविंद शर्मा, मनोज महंत, मुरली मनोहर, आकाश भाटी, नीरव साहू, अमन गौड़, सागर बत्रा, हिमांशु बहुगुणा, महावीर वशिष्ठ आदि शामिल हुए।
बुधवार को हरिद्वार पहुंचे हरीश रावत ने अमर उजाला से बातचीत में हार का दुखड़ा रोया। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को हराया तो इस तरह की जैसे मकान को ही उखाड़ दिया हो। हमको ये कतई उम्मीद नहीं थी कि लोकतंत्र के मालिक इस तरह से उन्हें बेदखल कर देंगे। उन्होंने तो कतई बाहर की कर दिया। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष में बैठकर कार्य करेंगे और कार्यकर्ता बनकर जनता के बीच में जाएंगे। उन्होंने अपने विकास कार्य गिनाते हुए कहा कि बिहारीगढ़ तक विकास कार्य कराए। इससे लक्सर, हरिद्वार तक अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। हरिद्वार को भी रोशन किया, लेकिन इसके बावजूद भी बुरी तरह से हार गए। वे बोले कि अब कोई हार को खराब मैनेजमेंट बताए या अन्य कोई कारण, लेकिन मैं हरिद्वार की जनता के बीच में एक विधायक से अधिक रहा हूं। हरिद्वार की हार पूरी तरह से अपच रही है। उन्होंने नई सरकार से उम्मीद जताई कि हरिद्वार का विकास होता रहना चाहिए। संगठन में किसी तरह के बदलाव के सवाल पर वे बोले कि अभी किसी तरह का बदलाव नहीं होगा।
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तकनीक में हो सकती है खामी
ईवीएम में तकनीकी खामी पर बोले कि अभी में किसी निष्कर्ष पर नहीं हूं, लेकिन जब मायावती जैसी जिम्मेदार व्यक्तित्व ईवीएम में खराबी की बात करती है तो उनकी बात को गंभीरता से लेना चाहिए और ईवीएम की तकनीकी जांच करा लेनी चाहिए। ईवीएम तकनीक है, इसमें भी खामी हो सकती है।
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गंगा आरती के बाद परिजनों को दी सांत्वना
कार्यवाहक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरकी पैड़ी पहुंचकर गंगा आरती में भाग लिया। इसके बाद वे सतपाल ब्रह्मचारी के आश्रम राधा कृष्ण धाम, कांग्रेस के प्रत्याशी रहे ब्रह्मचारी ब्रह्मस्वरूप की पीठ जयराम आश्रम पहुंचे। जहां कार्यकर्ताओं से बातचीत की। इसके बाद वे निर्मला छावनी एमपी शर्मा के घर पहुंचे, जहां अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी के परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने एसएसपी से जांच कराकर आरोपियों पर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। यहां से वे निरजंनी अखाड़ा में गए, जहां लालता गिरि को श्रद्घांजलि दी। इसके बाद बड़ा उदासीन अखाड़ा में संतोष मुनि को श्रद्घांजलि दी। फिर वे महानिर्वाणी अखाड़ा में पहुंचे, जहां अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि, महामंत्री हरि गिरि, रविंद्र पुरी आदि संतों से मिले। इस मौके पर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, पुरुषोत्तम शर्मा, अरविंद शर्मा, मनोज महंत, मुरली मनोहर, आकाश भाटी, नीरव साहू, अमन गौड़, सागर बत्रा, हिमांशु बहुगुणा, महावीर वशिष्ठ आदि शामिल हुए।