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वनाग्नि से पड़े प्रभाव को जानेंगे पक्षीविद

Tue, 03 May 2016 12:00 AM IST
hridwar uttrakhanda india
hridwar uttrakhanda india Updated Tue, 03 May 2016 12:00 AM IST
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हरिद्वार। हिमालय की करीब 650 पक्षी प्रजातियों में लगभग 300 प्रजातियां आजकल ही प्रजनन करती है। गढ़वाल के जंगलों में लगी आग से जीव जंतु घिर गए हैं। सबसे अधिक प्रभाव प्रजनन वाले जीवजंतु पर पड़ा है। इस प्रभाव को जानने के लिए गुरुकुल कांगड़ी के पक्षी संवाद व जैव विविधता यूनिट, जंतु एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग की टीम मंगलवार को प्रो. दिनेश भट्ट के नेतृत्व में जाएगी। टीम उत्तराखंड में वनाग्नि में पक्षी, जंतु जगत व जनजीवन पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव के अध्ययन करेंगी। टीम अध्ययन कर एक-दो सप्ताह बाद अपनी रिपोर्ट सार्वजनिक करेगी। चार सदस्यीय टीम लालढांग, कोटद्वार और लैंसडौन से अध्ययन शुरू करेगी।

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प्रो. दिनेश भट्ट ने बताया कि सबसे अधिक नुकसान उन पक्षियों को हुआ होगा, जो इस बसंत व ग्रीष्मकाल में प्रजनन करते हैं। बसंत यानी मार्च यानी चैत्र का माह पक्षी जगत के लिए प्रजनन के लिए सबसे उचित समय है। अभी करीब 20 दिन घोंसला बनाने व अंडे सेकने के उपरांत 15 दिन हेचलिंग (छोटे बच्चे) घोंसले में ही रहे होंगे। दूसरे यह माह उनके उड़ान भरने का था, लेकिन दुर्भाग्य से उड़ान भरने से पूर्व ही वे आग से घिर गए। उन्होंने बताया कि हिमालय की करीब 650 पक्षी प्रजातियों में लगभग 300 प्रजातियां आजकल ही प्रजनन करती हैं। उनके चूजे व बच्चे इस दवानल का शिकार हो चुके होने की आशंका है। उत्तर भारत में हर पक्षी प्रजाति साल में एक बार बसंत,  ग्रीष्म या वर्षा ऋतु मेें ही प्रजनन करती है। इस वनाग्नि से बसंत व ग्रीष्म काल में प्रजनन करने वाले पक्षी सहित सभी जंगली प्राणियों का जीवन भयंकर संकट में है। काकड़ व हिरन की कई प्रजातियों को भोजन और पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। सैकड़ों नवजात शिशु तो पाय: मर ही गए होंगे।
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यह प्रजाति हुई होंगी प्रभावित
फारेस्ट फायर से ग्रसित पक्षीयों में ग्राउंड नेस्टिग बर्ड व लोवर कैनोयी में घोंसले बनाने वाले पक्षी जैसे मैगपाई रोबिन, पाइड बुश चैट, वीवर बर्ड यानी बया, वार्वलर की कई प्रजातियां, वुड पैकर, ग्रे-टिट, बुलबुल, ओरियोल, ट्री स्पैरो, जंगल वैबलर, रोज रिंग्ड पैराकीट, ब्लेक ड्रंगो, परपल सन बड बारबेटए ब्लैक बर्डए फ्लाई कैचरए हनी सकरए ट्री क्रीपर इत्यादि बुरी तरह से प्रभावित होने की आशंका है।

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