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वाहन मालिकों को किराये के लिए नहीं लगानी पड़ेगी दौड़
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चुनाव ड्यूटी में लगाए गए निजी वाहनों का किराया सीधे वाहन मालिकों के खाते में पहुंचेगा। मतगणना खत्म होने से पहले भुगतान करने के लिए आपूर्ति विभाग की टीम ने बिल बनाने शुरू कर दिए हैं। कुछ वाहन मालिकों ने अपने बिल आपूर्ति विभाग के साथ ही एआरटीओ कार्यालय में भी जमा करवा रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव में कई वाहन मालिकों को किराया और पेट्रोल पंप मालिकों को पेट्रोल व डीजल का भुगतान नहीं हो पाया था। उस समय वाहनों का अधिग्रहण करने के बाद आपूर्ति विभाग बिल बनाता था, जब तक बिल पहुंचते थे, तब तक निर्वाचन का काम खत्म हो जाता था। बचे हुए बजट से कुछ वाहन मालिकों को चेक बनाकर परिवहन विभाग को सौंप दिए जाते। परिवहन विभाग की लापरवाही से कई महीने तक चेक वितरण नहीं हो पाते थे। यही स्थिति पेट्रोल व डीजल के भुगतान की रही है।
पहली बार मतदान से पहले वाहन मालिकों व पेट्रोल पंप संचालक का भुगतान करने का प्रयास शुरू कर दिया है। मतदान कर्मचारियों को बूथों तक भेजने मतदान के दिन पेट्रोलिंग कराने के लिए जिले में 1400 सौ से अधिक वाहनों का अधिग्रहण किया गया। परिवहन विभाग ने मॉडल के आधार पर किराया निर्धारित कर सूची आपूर्ति विभाग सौंप दी है। आपूर्ति विभाग ने भी सभी पंपों से वाहनों में भरे गए पेट्रोल डीजल की पर्ची मंगाना शुरू कर दिया है। इसी आधार पर वाहनों को किराये का भुगतान के लिए तैयारी शुरू कर दी है। मतगणना से पहले वाहन मालिकों के खाते में किराया भेज दिया जाएगा।
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दस मार्च तक वाहनों मालिकों को किराया का भुगतान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए बिल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वाहन स्वामी के खाते में सीधे धनराशि जाएगी।
- रश्मि पंत, एआरटीओ
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पिछले विधानसभा चुनाव में कई वाहन मालिकों को किराया और पेट्रोल पंप मालिकों को पेट्रोल व डीजल का भुगतान नहीं हो पाया था। उस समय वाहनों का अधिग्रहण करने के बाद आपूर्ति विभाग बिल बनाता था, जब तक बिल पहुंचते थे, तब तक निर्वाचन का काम खत्म हो जाता था। बचे हुए बजट से कुछ वाहन मालिकों को चेक बनाकर परिवहन विभाग को सौंप दिए जाते। परिवहन विभाग की लापरवाही से कई महीने तक चेक वितरण नहीं हो पाते थे। यही स्थिति पेट्रोल व डीजल के भुगतान की रही है।
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पहली बार मतदान से पहले वाहन मालिकों व पेट्रोल पंप संचालक का भुगतान करने का प्रयास शुरू कर दिया है। मतदान कर्मचारियों को बूथों तक भेजने मतदान के दिन पेट्रोलिंग कराने के लिए जिले में 1400 सौ से अधिक वाहनों का अधिग्रहण किया गया। परिवहन विभाग ने मॉडल के आधार पर किराया निर्धारित कर सूची आपूर्ति विभाग सौंप दी है। आपूर्ति विभाग ने भी सभी पंपों से वाहनों में भरे गए पेट्रोल डीजल की पर्ची मंगाना शुरू कर दिया है। इसी आधार पर वाहनों को किराये का भुगतान के लिए तैयारी शुरू कर दी है। मतगणना से पहले वाहन मालिकों के खाते में किराया भेज दिया जाएगा।
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दस मार्च तक वाहनों मालिकों को किराया का भुगतान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए बिल बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। वाहन स्वामी के खाते में सीधे धनराशि जाएगी।
- रश्मि पंत, एआरटीओ