यूपी के खिलाफ कोर्ट जाएगा मातृसदन
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हरिद्वार। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गंगनहर की क्षमता बढ़ाने के विरोध में मातृसदन कोर्ट की शरण लेगा। मातृसदन ने गंगनहर में ज्यादा पानी छोड़ने के बाद गंगा की मूल धारा में पानी कम होने की आशंका जताई है। साथ ही मायापुर लिंक चैनल के निर्माण को 1916 के समझौते का उल्लंघन बताया। मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने प्रेसवार्ता पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जो मायापुर चैनल बनाया गया है, वह 1916 के समझौते का उल्लंघन है। उन्होंने बताया 1916 में महामना मदनमोहन मालवीय और अंग्रेजों के मध्य हुए समझौते में यह तय हुआ था कि गंगनहर की क्षमता 10,500 क्यूसेक पानी से ज्यादा नहीं होगी। उत्तरप्रदेश सरकार ने समझौते का उल्लंघन कर गंगनहर की क्षमता तीन हजार क्यूसेक और बढ़ा दी। गंगनहर की क्षमता बढ़ाने से गंगा की मुख्य धारा में पानी की कमी हो जाएगी। जिसे मातृसदन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार को गंगनहर की क्षमता विस्तार से पहले संत महात्माओं से बात करनी चाहिए थी। दक्षघाट की ओर से नाममात्र का पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंगा की रक्षा के लिए के लिए मातृसदन कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा। जिसमें यूपी सरकार की ओर से गंगनहर की क्षमता वृद्धि का विरोध किया जाएगा।