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राजाजी टाइगर रिजर्व: रोमांच भरी जंगल सफारी में आधे सफर से लौट रहे सैलानी, पीछे है यह वजह

Wed, 17 Nov 2021 10:14 AM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Wed, 17 Nov 2021 10:14 AM IST
सार

राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज के गेट 15 जून को बंद कर दिए जाते हैं, क्योंकि जंगल सफारी का 36 किलोमीटर का ट्रैक नदी पर है और कच्चा है।

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Tourists returning from half the journey in Jungle Safari
राजाजी टाइगर रिजर्व - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

जंगली जानवरों के प्रवास के लिए प्रसिद्ध चीला रेंज के सफारी ट्रैक की मरम्मत नहीं होने से सैलानियों को आधे रास्ते से लौटना पड़ रहा है। दरअसल, बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुए पहाड़ी ट्रैक की मरम्मत न होने के कारण सफारी वाहन नहीं चढ़ पा रहा है। 36 किलोमीटर के ट्रैक का राउंड सफारी कराने की बजाय आधे रास्ते लौटना पड़ रहा है।

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15 नवंबर को वन्य जीव प्रेमियों के लिए खोले गए गेट
राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज के गेट 15 जून को बंद कर दिए जाते हैं, क्योंकि जंगल सफारी का 36 किलोमीटर का ट्रैक नदी पर है और कच्चा है। ऐसे में जंगल सफारी के दौरान ट्रैक पर वाहन फंसने से पर्यटकों को भी जंगली जानवरों से खतरा बना रहने की आशंका रहती है। बरसात के बाद क्षतिग्रस्त हुए ट्रैक को दुरुस्त करने के बाद हर साल 15 नवंबर को वन्य जीव प्रेमियों के लिए पार्क खोला जाता है।
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हर साल राजाजी प्रशासन के मुख्यालय से ट्रैक मरम्मतीकरण के लिए बजट जारी किया जाता है। इस साल एक भी रुपये का बजट रेंज को ट्रैक मरम्मतीकरण के लिए नहीं मिला।

ट्रैक को जंगल सफारी के लिए ठीक नहीं किया गया

राजाजी टाइगर रिजर्व की ओर से मिठावाली तक तो किसी तरह से कर्मचारियों से ठीक करा लिया गया, लेकिन इससे आगे पहाड़ी क्षेत्र पर बने ट्रैक को जंगल सफारी के लिए ठीक नहीं किया गया। इसके कारण चीला रेंज प्रशासन की ओर से गेट से करीब 18 किलोमीटर मिठावाली तक ही पर्यटकों को जंगल सफारी कराई जा रही है।

40 हजार के बजट के भी लाले
राजाजी की चीला रेंज के ट्रैक को ठीक करने के लिए जेसीबी और अन्य श्रमिकों को लगाया जाता है। इसके लिए महज 20 से चालीस हजार रुपये का बजट की आवश्यकता पड़ती है। जिसमें पहाड़ी पर बने ट्रैक को सही करके राउंड में जंगल सफारी हो जाती है, लेकिन राजाजी की ओर से यह बजट भी जारी नहीं किया गया।

जबकि चीला रेंज में लगाए गए शुल्क से लाखों रुपये की कमाई राजाजी की होती है। बावजूद इसके सुविधा शुल्क वसूलने के बाद भी सैलानियों को जंगल सफारी की पूरी सेवा नहीं देने के लिए कदम नहीं उठाया गया।

कोरोना संक्रमण के कारण बजट नहीं मिल सका था, मगर अब उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही बजट जारी हो जाएगा। इससे ट्रैक का ठीक कराकर दिसंबर से राउंड में पूरी जंगल सफारी करानी शुरू करा दी जाएगी।
- अनिल पैन्यूली, रेंजर, चीला रेंज

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