{"_id":"61b0c4f0588846078a149be0","slug":"tiger-was-seen-for-the-first-time-to-the-tourists-in-motichur-range-haridwar-news-drn398196561","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोतीचूर में सैलानियों को बाघ के दर्शन, गदगद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोतीचूर में सैलानियों को बाघ के दर्शन, गदगद
विज्ञापन
मोतीचूर रेंज में घूमता बाघ ।
- फोटो : HARIDWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजाजी नेशनल पार्क की मोतीचूर रेंज में इस साल सफारी शुरू होने के बाद सोमवार को पहली बार पर्यटकों को बाघ दिखाई दिया। बाघ देख पर्यटक खुशी से गदगद हो उठे। उन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी डाला है। साथ ही पार्क प्रशासन के रेंज कार्यालय को भी इसकी जानकार दी।
मोतीचूर रेंज हाथी, हिरण और सांभर के लिए मशहूर है। इस रेंज में पिछले साल रामनगर स्थित जिम कार्बेट नेशनल पार्क से बाघ लाकर छोड़ा गया था। उसे टी-4 नाम दिया गया है। बाघ मोतीचूर रेंज में ही रहकर शिकार करता है। 15 नवंबर को रेंज के गेट सफारी के लिए खोले गए थे। बता दें कि चीला के बाद मोतीचूर रेंज पर्यटकों की सबसे पसंदीदा ट्रेक है। सोमवार को सफारी पर निकले कुछ पर्यटकों को रेंज में एक नदी के पास बाघ दिखा। पर्यटकों ने उसकी फोटो खींची और वीडियो बनाई। वीडियो को सोशल मीडिया पर भी डाला गया है। सफारी कर लौटे पर्यटकों ने रेंज कार्यालय में बाघ दिखने की सूचना दी। रेंजर महेंद्र गिरी के मुताबिक, बाघ की कैमरा ट्रैप से निगरानी की जाती है, लेकिन इस सीजन में सैलानियों को पहली बार बाघ दिखा है। हल्द्वानी और पीलीभीत से आए सैलानियों ने उसकी फोटो ली और वीडियो बनाई। उन्होंने बताया कि पिछले साल रेंज में जिम कार्बेट से लाए गए बाघ को छोड़ा गया था। इसके बाद रेंज में कई दिनों से पर्यटकों की सफारी बंद की गई थी।
जिम कार्बेट, रामनगर से लाकर मोतीचूर रेंज में छोड़ा गया बाघ आक्रामक नहीं है। जिम कार्बेट पार्क में पर्यटकों की गतिविधियां काफी अधिक होती हैं। लिहाजा बाघ पर्यटकों को देख न तो सीधे हमला करता है और न ही भागता है। इसलिए सफारी करने वाले पर्यटकों ने आसानी से बाघ की फोटो ली और वीडियो बनाई।
विज्ञापन
-ललिता प्रसाद टम्टा, वार्डन, राजाजी नेशनल पार्क
विज्ञापन
मोतीचूर रेंज हाथी, हिरण और सांभर के लिए मशहूर है। इस रेंज में पिछले साल रामनगर स्थित जिम कार्बेट नेशनल पार्क से बाघ लाकर छोड़ा गया था। उसे टी-4 नाम दिया गया है। बाघ मोतीचूर रेंज में ही रहकर शिकार करता है। 15 नवंबर को रेंज के गेट सफारी के लिए खोले गए थे। बता दें कि चीला के बाद मोतीचूर रेंज पर्यटकों की सबसे पसंदीदा ट्रेक है। सोमवार को सफारी पर निकले कुछ पर्यटकों को रेंज में एक नदी के पास बाघ दिखा। पर्यटकों ने उसकी फोटो खींची और वीडियो बनाई। वीडियो को सोशल मीडिया पर भी डाला गया है। सफारी कर लौटे पर्यटकों ने रेंज कार्यालय में बाघ दिखने की सूचना दी। रेंजर महेंद्र गिरी के मुताबिक, बाघ की कैमरा ट्रैप से निगरानी की जाती है, लेकिन इस सीजन में सैलानियों को पहली बार बाघ दिखा है। हल्द्वानी और पीलीभीत से आए सैलानियों ने उसकी फोटो ली और वीडियो बनाई। उन्होंने बताया कि पिछले साल रेंज में जिम कार्बेट से लाए गए बाघ को छोड़ा गया था। इसके बाद रेंज में कई दिनों से पर्यटकों की सफारी बंद की गई थी।
विज्ञापन
जिम कार्बेट, रामनगर से लाकर मोतीचूर रेंज में छोड़ा गया बाघ आक्रामक नहीं है। जिम कार्बेट पार्क में पर्यटकों की गतिविधियां काफी अधिक होती हैं। लिहाजा बाघ पर्यटकों को देख न तो सीधे हमला करता है और न ही भागता है। इसलिए सफारी करने वाले पर्यटकों ने आसानी से बाघ की फोटो ली और वीडियो बनाई।
विज्ञापन
-ललिता प्रसाद टम्टा, वार्डन, राजाजी नेशनल पार्क