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दोपहर तक जारी रही मध्यम बरसात
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दो दिन से हो रही बारिश मंगलवार दोपहर तक जारी रही। बीते सोमवार को बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया था। वहीं बुधवार को बारिश से गंगनहर घाट की दीवार भी गिर गई। इससे हादसा होते-होते टल गया। उधर, पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते गंगा का जलस्तर अभी भी चेतावनी रेखा से करीब आधा मीटर नीचे होकर बह रहा है। तीसरे दिन 56 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।
रविवार को शुरू हुई बरसात से लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरों पर भी फसलों की सिंचाई होने से खुशी छा गई थी, लेकिन बारिश राहत के साथ ही आफत लेकर भी आई। बारिश से शहर में जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों का सामान भी नष्ट हो गया था। सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुईं। सोमवार की रात भी रुक-रुक कर बारिश होती रही, जो दोपहर तक चलती रही। हालांकि, तेज बारिश नहीं होने से जलभराव की समस्या उत्पन्न नहीं हुई, लेकिन बारिश से प्रेमनगर आश्रम घाट के सामने गंगनगर घाट की लगभग 20 फीट दीवार ढह गई। हालांकि, दीवार गिरने से कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन घाट पर लगी एक बैंच को नुकसान जरूर पहुंचा है। दीवार गिरने से उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। उधर, यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ शिव कुमार कौशिक का कहना है कि घाट उनका नहीं है। मामले की जांच कर बताया जाएगा कि घाट किसका है और दीवार कैसी गिरी। उवहीं, बारिश के चलते गंगा अपने चेतावनी निशान से 293 मीटर से 292. 45 मीटर होकर बह रही है। इससे प्रशासन अभी भी गंगा के जलस्तर पर लगातार निगाह रखे हुए है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना रहता है, इसलिए बाढ़ राहत चौकियों को भी अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग की ओर से बुधवार को भी बारिश न होने की संभावना जताई गई है। रितु आलोक शाला के पर्यवेक्षक रमाकांत वर्मा ने बताया कि तीसरे दिन 56 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
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रविवार को शुरू हुई बरसात से लोगों को जहां गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरों पर भी फसलों की सिंचाई होने से खुशी छा गई थी, लेकिन बारिश राहत के साथ ही आफत लेकर भी आई। बारिश से शहर में जलभराव होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों का सामान भी नष्ट हो गया था। सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुईं। सोमवार की रात भी रुक-रुक कर बारिश होती रही, जो दोपहर तक चलती रही। हालांकि, तेज बारिश नहीं होने से जलभराव की समस्या उत्पन्न नहीं हुई, लेकिन बारिश से प्रेमनगर आश्रम घाट के सामने गंगनगर घाट की लगभग 20 फीट दीवार ढह गई। हालांकि, दीवार गिरने से कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन घाट पर लगी एक बैंच को नुकसान जरूर पहुंचा है। दीवार गिरने से उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा हो रहा है। उधर, यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ शिव कुमार कौशिक का कहना है कि घाट उनका नहीं है। मामले की जांच कर बताया जाएगा कि घाट किसका है और दीवार कैसी गिरी। उवहीं, बारिश के चलते गंगा अपने चेतावनी निशान से 293 मीटर से 292. 45 मीटर होकर बह रही है। इससे प्रशासन अभी भी गंगा के जलस्तर पर लगातार निगाह रखे हुए है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना रहता है, इसलिए बाढ़ राहत चौकियों को भी अलर्ट किया गया है। मौसम विभाग की ओर से बुधवार को भी बारिश न होने की संभावना जताई गई है। रितु आलोक शाला के पर्यवेक्षक रमाकांत वर्मा ने बताया कि तीसरे दिन 56 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
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