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Haridwar News: रूपईडीहा और हरिद्वार रोडवेज के बीच नहीं थमी खींचतान
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उत्तराखंड परिवहन निगम की हरिद्वार डिपो और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की रूपईडीहा डिपो के बीच बीते करीब छह महीने से चल रही खींचतान नहीं थम सकी है। दो बार दोनों डिपो के अधिकारियों ने वार्ता की लेकिन कोई हल नहीं निकला है। स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में बस चालकों के साथ ही यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। साथ ही निगम को आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।
अप्रैल माह से पहले रूपईडीहा व हरिद्वार डिपो के अधिकारियों के बीच खींचतान शुरू हो गई थी। वहां से आने वाली बसें यहां अड्डे के बाहर ही यात्रियों को उतारकर निकल जा रही हैं जबकि यहां से यात्रियों को लेकर जाने वाली बसें वहां पहुंच तो रही हैं मगर उनमें यात्रियों को नहीं बैठने दिया जा रहा है। वहां से बसें खाली ही लौट रही हैं। ऐसे में प्रतिदिन हजारों रुपये के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
रोडवेज सूत्रों की मानें तो दोनों डिपो के अधिकारियों के बीच कई बार वार्ता हो चुकी है लेकिन समाधान नहीं निकल सका। रूट पर संचालन अधिकार को लेकर विवाद बना हुआ है। सूत्र बताते हैं कि रूपईडिहा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की मनमानी के चलते विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में यात्रियों के साथ ही चालकों के लिए भी परेशानी बनी हुई है। वहीं हरिद्वार डिपो के सहायक महाप्रबंधक विशाल चंद्रा का कहना है कि मामले में बातचीत की जा रही है।
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अप्रैल माह से पहले रूपईडीहा व हरिद्वार डिपो के अधिकारियों के बीच खींचतान शुरू हो गई थी। वहां से आने वाली बसें यहां अड्डे के बाहर ही यात्रियों को उतारकर निकल जा रही हैं जबकि यहां से यात्रियों को लेकर जाने वाली बसें वहां पहुंच तो रही हैं मगर उनमें यात्रियों को नहीं बैठने दिया जा रहा है। वहां से बसें खाली ही लौट रही हैं। ऐसे में प्रतिदिन हजारों रुपये के राजस्व का भी नुकसान हो रहा है।
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रोडवेज सूत्रों की मानें तो दोनों डिपो के अधिकारियों के बीच कई बार वार्ता हो चुकी है लेकिन समाधान नहीं निकल सका। रूट पर संचालन अधिकार को लेकर विवाद बना हुआ है। सूत्र बताते हैं कि रूपईडिहा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक की मनमानी के चलते विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में यात्रियों के साथ ही चालकों के लिए भी परेशानी बनी हुई है। वहीं हरिद्वार डिपो के सहायक महाप्रबंधक विशाल चंद्रा का कहना है कि मामले में बातचीत की जा रही है।
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