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चिड़ियापुर रेंज से खैर के पेड़ काट ले गए तस्कर
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प्रशासन कांवड़ मेले में व्यस्त है और वन तस्कर सक्रिय हो गए हैं। वन विभाग की चिड़ियापुर रेंज में तस्करों ने खैर के छह पेड़ काट डाले। वन विभाग और पुलिस वन तस्करों का कुछ पता नहीं लगा पाई है।
श्यामपुर क्षेत्र में कई वर्षों से लगातार जंगलों में खैर के पेड़ों का कटान किया जा रहा है। ताजा मामला चिड़ियापुर रेंज के नौरंगाबाद गांव के पास का है। तस्करों ने खैर के छह हरे पेड़ काट डाले। मामला तीन दिन पुराना बताया गया है। जहां पेड़ काटे गए वहां वाहनों के टायर के निशान भी हैं। इससे स्पष्ट है कि काटने के तुरंत बाद ही पेड़ों को ठिकाने भी लगा दिया गया है। लोगों ने काटे गए पेड़ों के ठुंठ देखे तो वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। वन विभाग के अधिकारियों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। लगातार कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। तस्कर पेड़ काट ले जाते हैं और वन विभाग के अधिकारी केस दर्ज कर चुप्पी साध लेते है। चिड़ियापुर रेंज में काफी खैर के पेड़ कट चुके हैं । थाना श्यामपुर में भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। अब तक एक भी तस्कर पकड़ में नहीं आ सका। चिड़ियापुर के वन क्षेत्राधिकारी मुकेश कुमार का कहना है कि जो पेड़ काटे गए उनके संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वन तस्करों की तलाश की जा रही है।
स्थानीय भेदिये ही कटवा रहे खैर के पेड़
लगातार पेड़ों पर आरियां चलाई जा रही हैं। तस्कर आते हैं, पेड़ काट कर ले जाते हैं, वन विभाग को पता ही नहीं चलता। यह सवाल क्षेत्र के हर व्यक्ति की जुबान पर है। दरअसल हकीकत यह है कि क्षेत्र के स्थानीय भेदिए ही तस्करों को जानकारी देते हैं। पिछले दो साल में पेड़ों के काटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार तो चंडीघाट के पास से ही पेड़ काट ले गए। रास्ता चंडीघाट पुलिस चौकी के बगल से ही होकर गुजरता है। पुलिस भी कभी तस्करों को नहीं दबोच पाई।
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श्यामपुर क्षेत्र में कई वर्षों से लगातार जंगलों में खैर के पेड़ों का कटान किया जा रहा है। ताजा मामला चिड़ियापुर रेंज के नौरंगाबाद गांव के पास का है। तस्करों ने खैर के छह हरे पेड़ काट डाले। मामला तीन दिन पुराना बताया गया है। जहां पेड़ काटे गए वहां वाहनों के टायर के निशान भी हैं। इससे स्पष्ट है कि काटने के तुरंत बाद ही पेड़ों को ठिकाने भी लगा दिया गया है। लोगों ने काटे गए पेड़ों के ठुंठ देखे तो वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। वन विभाग के अधिकारियों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। लगातार कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। तस्कर पेड़ काट ले जाते हैं और वन विभाग के अधिकारी केस दर्ज कर चुप्पी साध लेते है। चिड़ियापुर रेंज में काफी खैर के पेड़ कट चुके हैं । थाना श्यामपुर में भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। अब तक एक भी तस्कर पकड़ में नहीं आ सका। चिड़ियापुर के वन क्षेत्राधिकारी मुकेश कुमार का कहना है कि जो पेड़ काटे गए उनके संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वन तस्करों की तलाश की जा रही है।
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स्थानीय भेदिये ही कटवा रहे खैर के पेड़
लगातार पेड़ों पर आरियां चलाई जा रही हैं। तस्कर आते हैं, पेड़ काट कर ले जाते हैं, वन विभाग को पता ही नहीं चलता। यह सवाल क्षेत्र के हर व्यक्ति की जुबान पर है। दरअसल हकीकत यह है कि क्षेत्र के स्थानीय भेदिए ही तस्करों को जानकारी देते हैं। पिछले दो साल में पेड़ों के काटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार तो चंडीघाट के पास से ही पेड़ काट ले गए। रास्ता चंडीघाट पुलिस चौकी के बगल से ही होकर गुजरता है। पुलिस भी कभी तस्करों को नहीं दबोच पाई।
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