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मौजूदा सदी योग संस्कृति की : बाबा रामदेव
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
Updated Mon, 15 May 2017 09:54 PM IST
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योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि राष्ट्र को एक सूत्र में बांधने के लिए देश के प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति को योग अभियान से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि योग, आयुर्वेद एवं वैदिक संस्कृति हमारा मूल आधार है। उन्होंने 21 जून के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को सफल बनाने का आह्वान किया।
बाबा रामदेव सोमवार को पतंजलि योगपीठ में वल रहे पांच दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में देश- विदेश से भाग ले रहे योगाचार्यों को संबोधित कर रहे थे। बाबा रामदेव ने बताया कि 18 से 21 जून तक पतंजलि इस बार का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह अहमदाबाद में मनाएगा। इस दौरान योग चिकित्सा-योगविज्ञान नाम से चलने वाले इस शिविर की सफलता के लिए पूरे गुजरात में प्रत्येक मोहल्ला, गांव, तहसील स्तर पर पहले से ही योग कक्षाएं चलाकर लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जाएगा। बाबा रामदेव ने कहा देश के प्रत्येक गांव-गांव में जाकर पांच हजार योग कक्षाएं पतंजलि के कार्यकर्ता लगाएंगे।
उन्होंने शिविरार्थियों को देशवासियों को योगाभ्यास से जोड़कर योगी, निरोगी और सहयोगी बनाने पर बल दिया। कहा कि पतंजलि का 100 प्रतिशत लाभ एजूकेशन, आयुर्वेदिक रिसर्च और गो अनुसंधान के साथ-साथ देश के शहीदों के बच्चों की शिक्षा के लिए लगाया जाएगा, इस प्रकार भविष्य में पतंजलि एक लाख करोड़ की चैरिटी करने का लक्ष्य निर्धरित कर रहा है। बाबा रामदेव ने बताया कि हम स्वभाव, संस्कार एवं खून से योगी हैं। हम योगी ऋषि-ऋषिकाओं की संतानें होने के कारण हमारा जीवन भी योगी जैसा होना चाहिए। चूंकि 21वीं सदी योगसंस्कृति की सदी है। इस दौरान योग की कई विधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
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बाबा रामदेव सोमवार को पतंजलि योगपीठ में वल रहे पांच दिवसीय योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर में देश- विदेश से भाग ले रहे योगाचार्यों को संबोधित कर रहे थे। बाबा रामदेव ने बताया कि 18 से 21 जून तक पतंजलि इस बार का अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह अहमदाबाद में मनाएगा। इस दौरान योग चिकित्सा-योगविज्ञान नाम से चलने वाले इस शिविर की सफलता के लिए पूरे गुजरात में प्रत्येक मोहल्ला, गांव, तहसील स्तर पर पहले से ही योग कक्षाएं चलाकर लोगों को योग के प्रति जागरूक किया जाएगा। बाबा रामदेव ने कहा देश के प्रत्येक गांव-गांव में जाकर पांच हजार योग कक्षाएं पतंजलि के कार्यकर्ता लगाएंगे।
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उन्होंने शिविरार्थियों को देशवासियों को योगाभ्यास से जोड़कर योगी, निरोगी और सहयोगी बनाने पर बल दिया। कहा कि पतंजलि का 100 प्रतिशत लाभ एजूकेशन, आयुर्वेदिक रिसर्च और गो अनुसंधान के साथ-साथ देश के शहीदों के बच्चों की शिक्षा के लिए लगाया जाएगा, इस प्रकार भविष्य में पतंजलि एक लाख करोड़ की चैरिटी करने का लक्ष्य निर्धरित कर रहा है। बाबा रामदेव ने बताया कि हम स्वभाव, संस्कार एवं खून से योगी हैं। हम योगी ऋषि-ऋषिकाओं की संतानें होने के कारण हमारा जीवन भी योगी जैसा होना चाहिए। चूंकि 21वीं सदी योगसंस्कृति की सदी है। इस दौरान योग की कई विधाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।
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