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51 गांवों में सबसे कम टीकाकरण, शुरू हुआ अभियान

Sat, 11 Sep 2021 11:05 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 11 Sep 2021 11:05 PM IST
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The officers ran on the DM's pole, the villagers did not move
प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी जिले के गांवों में कोरोना टीकाकरण रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कई गांव ऐसे हैं, जहां अब भी काफी कम लोगों का टीकाकरण हुआ है। इन गांवों में शत प्रतिशत टीकाकरण के लिए जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर शनिवार से दो दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया। जिला प्रशासन के अधिकारियों समेत सभी विभागों के अधिकारी सारे कामकाज छोड़कर मैदान में उतरे। दिनभर आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लोगों को टीकाकरण के लिए मनाते रहे पर वे टस से मस नहीं हुए। अधिकारियों के पसीना बहाने के बाद भी 51 गांवों में केवल 7344 लोगों को ही टीका लगाया जा सका।
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए शासन और प्रशासन ने शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए हरिद्वार जिले में 200 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं और टीके की भी पर्याप्त डोज भी उपलब्ध है। 18 साल से ऊपर वाले 15 लाख 70 हजार लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 13 लाख 30 हजार 283 लोगों को पहली डोज लग चुकी। अब भी दो लाख 39 हजार 717 लोगों को पहली डोज लगनी है। डीएम ने कम टीकाकरण वाले गांवों की रिपोर्ट तलब की। स्वास्थ्य विभाग ने जो रिपोर्ट सौंपी उसमें 51 गांव ऐसे थे, जहां टीकाकरण का आंकड़ा बेहद कम था।
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डीएम ने इन गांवों में शनिवार और रविवार को विशेष अभियान चलाकर शत प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल को नोडल अधिकारी बनाकर चार तहसीलों के उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को जिम्मेदारी देकर सभी विभागों के एक-एक अधिकारी को 51 गांवों की जिम्मेदारी सौंपी गई। शनिवार सुबह ही सभी अधिकारी गांवों में पहुंच गए। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को टीका लगाने के लिए केंद्र पर लाने के लिए लगाया गया। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुबह से शाम तक लोगोें को टीका लगवाने के लिए मनाते रहे, लेकिन लोग राजी नहीं हुए। कई जगह तो अधिकारी भी लोगों को मनाने घर-घर पहुंचे। इसके बाद भी लोग घरों से बाहर नहीं निकले।
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इन विभागों को दी गई थी जिम्मेदारी
नोडल अधिकारी के नेतृत्व में चारों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार के अलावा पशुपालन, खाद्य आपूर्ति विभाग, मत्स्य विभाग, जिला बचत, जिला पंचायत, ग्राम्य विकास विभाग, होम्योपैथी, आयुर्वेदिक, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, लघु सिंचाई, नलकूप खंड, पेयजल निगम, संभागीय परिवहन विभाग, समाज कल्याण आदि विभागों के अधिकारियों को टीकाकरण में सहयोग और निगरानी करने के लिए लगाया गया था।

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ग्रामीणों में अब भी बना है भ्रम
कोरोना टीकाकरण को लेकर ग्रामीणोें में अब भी कई तरह की भ्रांतियां बनी हैं। भ्रांतियों को दूर करने के लिए तमाम तरह के जागरूकता अभियान चलाए जा रहे। इसके बाद भी लोग टीका लगाने को तैयार नहीं। बताया जाता है कि कुछ लोग टीका लगने के बाद आने वाले बुखार की वजह से दूरी बनाए हुए हैं।
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