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Haridwar News: फाइनेंस कंपनी में बंधक संपत्ति का ताला तोड़कर किया कब्जा
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हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में आधार हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड से ऋण लेकर नहीं चुकाने पर बंधक संपत्ति पर लगी सील तोड़कर कब्जा करने का मामला सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र सिंह डोबाल के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, फाइनेंस कंपनी के अधिकृत अधिकारी शिवम गर्ग ने शिकायत देकर बताया कि सत्तार उर्फ अल्लारक्खा ने कंपनी से गृह ऋण लिया था। इस ऋण के बदले उसने मोहल्ला कैतवाड़ा ज्वालापुर स्थित अपनी अचल संपत्ति को बंधक रखा था। समय पर ऋण की किश्तें जमा नहीं की गईं। कंपनी ने 13 सितंबर 2022 को नोटिस जारी किया। इसके बावजूद भी कोई भुगतान नहीं किया गया।
बकाया न चुकाए जाने पर कंपनी ने जिला मजिस्ट्रेट से संपत्ति कब्जे की अनुमति मांगी, जिस पर न्यायालय ने कंपनी को कानूनी रूप से संपत्ति पर कब्जा देने का आदेश जारी किया। इस आदेश के अनुपालन में 9 दिसंबर 2024 को पुलिस की मौजूदगी में संपत्ति को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया था। आरोप लगाया कि 15 मई को जब कंपनी की टीम संपत्ति का निरीक्षण करने पहुंची तो पाया गया कि सील तोड़ी जा चुकी थी और सत्तार ने संपत्ति पर दोबारा कब्जा कर लिया है। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बतााय कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, फाइनेंस कंपनी के अधिकृत अधिकारी शिवम गर्ग ने शिकायत देकर बताया कि सत्तार उर्फ अल्लारक्खा ने कंपनी से गृह ऋण लिया था। इस ऋण के बदले उसने मोहल्ला कैतवाड़ा ज्वालापुर स्थित अपनी अचल संपत्ति को बंधक रखा था। समय पर ऋण की किश्तें जमा नहीं की गईं। कंपनी ने 13 सितंबर 2022 को नोटिस जारी किया। इसके बावजूद भी कोई भुगतान नहीं किया गया।
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बकाया न चुकाए जाने पर कंपनी ने जिला मजिस्ट्रेट से संपत्ति कब्जे की अनुमति मांगी, जिस पर न्यायालय ने कंपनी को कानूनी रूप से संपत्ति पर कब्जा देने का आदेश जारी किया। इस आदेश के अनुपालन में 9 दिसंबर 2024 को पुलिस की मौजूदगी में संपत्ति को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया था। आरोप लगाया कि 15 मई को जब कंपनी की टीम संपत्ति का निरीक्षण करने पहुंची तो पाया गया कि सील तोड़ी जा चुकी थी और सत्तार ने संपत्ति पर दोबारा कब्जा कर लिया है। कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बतााय कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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