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अधूरी रह गई लता जी की हरिद्वार आने की इच्छा
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भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन के बाद गंगा में पुष्प अपित कर श्रद्धांजलि देते व्यापारी ।
- फोटो : HARIDWAR
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मशहूर गायिका लता मंगेशकर के निधन से हर कोई स्तब्ध है। लता मंगेशकर हरिद्वार में गंगा तट पर सुरों की गंगा बहाना चाहती थी, लेकिन उनकी यह ख्वाहिश अधूरी रह गई। भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद ने लता मंगेशकर को समन्वय सेवा पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए आमंत्रण भेजा था। उस वक्त अचानक लता मंगेशकर का स्वास्थ्य खराब हो गया था। जिससे वह हरिद्वार नहीं आ सकी।
समन्वय सेवा ट्रस्ट धार्मिक एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वालों को समन्वय सेवा सम्मान प्रदान करता रहा है। हरिद्वार के वरिष्ठ पत्रकार सुनील पांडेय बताते हैं, 1990 के दशक में सम्मान के लिए लता मंगेशकर को भी चयनित किया गया। उस वक्त स्वामी सत्यमित्रानंद ने लता मंगेशकर को हरिद्वार आमंत्रित किया। लता मंगेशकर ने हरिद्वार आने का आमंत्रण स्वीकारा था। समारोह में लता मंगेशकर के आने को लेकर हरिद्वार के लोग काफी उत्साहित थे, लेकिन ऐन वक्त लता मंगेशकर का स्वास्थ्य खराब होने से उनको अस्पताल जाना पड़ा था। जिससे वह हरिद्वार सम्मान समारोह में शामिल नहीं हो सकी। समन्वय सेवा ट्रस्टी आरडी शास्त्री बताते हैं, इसके बाद स्वामी सत्यमित्रानंद ने लता मंगेशकर से बातचीत कर उनका स्वास्थ्य का हालचाल जाना था। तब लता ने हरिद्वार मां गंगा के तट पर आने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन लता मंगेशकर हरिद्वार नहीं आ सकीं।
महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी और व्यापारियों ने मां गंगा में दीपदान कर लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। सुनील सेठी ने कहा कि लता मंगेशकर को कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धांजलि देने वालों में महानगर अध्यक्ष जितेंद्र चौरसिया, महामंत्री नाथीराम सैनी, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुनील मनोचा, उपाध्यक्ष राजेश भाटिया, अजय कुमार, महेश कुमार, भूपेंद्र गुप्ता, उमेश चौधरी उपस्थित रहे। संवाद
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लता मंगेशकर का निधन अपूरणीय क्षति : रविंद्रपुरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने लता मंगेशकर के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करती थंी। उनका निधन अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि लता संगीत के माध्यम से हमेशा जीवित रहेंगी। संवाद
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समन्वय सेवा ट्रस्ट धार्मिक एवं अन्य क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वालों को समन्वय सेवा सम्मान प्रदान करता रहा है। हरिद्वार के वरिष्ठ पत्रकार सुनील पांडेय बताते हैं, 1990 के दशक में सम्मान के लिए लता मंगेशकर को भी चयनित किया गया। उस वक्त स्वामी सत्यमित्रानंद ने लता मंगेशकर को हरिद्वार आमंत्रित किया। लता मंगेशकर ने हरिद्वार आने का आमंत्रण स्वीकारा था। समारोह में लता मंगेशकर के आने को लेकर हरिद्वार के लोग काफी उत्साहित थे, लेकिन ऐन वक्त लता मंगेशकर का स्वास्थ्य खराब होने से उनको अस्पताल जाना पड़ा था। जिससे वह हरिद्वार सम्मान समारोह में शामिल नहीं हो सकी। समन्वय सेवा ट्रस्टी आरडी शास्त्री बताते हैं, इसके बाद स्वामी सत्यमित्रानंद ने लता मंगेशकर से बातचीत कर उनका स्वास्थ्य का हालचाल जाना था। तब लता ने हरिद्वार मां गंगा के तट पर आने की इच्छा जाहिर की थी। लेकिन लता मंगेशकर हरिद्वार नहीं आ सकीं।
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महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी और व्यापारियों ने मां गंगा में दीपदान कर लता मंगेशकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। सुनील सेठी ने कहा कि लता मंगेशकर को कभी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धांजलि देने वालों में महानगर अध्यक्ष जितेंद्र चौरसिया, महामंत्री नाथीराम सैनी, कोषाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष सुनील मनोचा, उपाध्यक्ष राजेश भाटिया, अजय कुमार, महेश कुमार, भूपेंद्र गुप्ता, उमेश चौधरी उपस्थित रहे। संवाद
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लता मंगेशकर का निधन अपूरणीय क्षति : रविंद्रपुरी
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने लता मंगेशकर के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि लता मंगेशकर अपनी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करती थंी। उनका निधन अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि लता संगीत के माध्यम से हमेशा जीवित रहेंगी। संवाद