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जल्दबाजी के कारण केंद्र सरकार ने मुंह की खाईः शंकराचार्य

Fri, 22 Apr 2016 09:08 AM IST
ब्यूूराो/ अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूूराो/ अमर उजाला, हरिद्वार Updated Fri, 22 Apr 2016 09:08 AM IST
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The center of the trench mouth: Jagadguru
जगद्गगुररु - फोटो : अमर उजाला

जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज ने हाईकोर्ट के फैसले को उचित बताते हुए कहा कि केंद्र ने जल्दबाजी में उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला लिया था। जिसकी वजह से उसे मुंह की खानी पड़ी।

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कनखल स्थित श्री मानव कल्याण आश्रम को ज्योतिष पीठ में विलय कराने के उपरांत पत्रकारों से वार्ता करते हुए शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि हरीश रावत अब बहुमत साबित करेंगे और पुन: जनता के बीच जाकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। बीच अवधि में चुनाव कराना बिल्कुल ठीक नहीं है। इससे करोड़ों रुपये खर्च होने के साथ-साथ भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। न्याय पालिका पर निर्भरता जरूरी है। कांग्रेस ने शांत स्वभाव में जवाब दिया है।
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सीधे नहीं कहा, साईं भगवान नहीं
शंकराचार्य से मिलने आए कथा वाचक कुमार स्वामी महाराज ने सीधे नहीं कहा कि साईं भगवान नहीं और उनकी पूजा नहीं करनी चाहिए। वह सवालों का जवाब घूमा फिराकर देते रहे। कहा कि श्रीकृष्ण ने भगवत गीता में कहा है कि किसी को आराध्य मानकर पूजा की जा सकती है।
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उन्होंने शंकराचार्य द्वारा साईं पर दिए बयानों पर कहा कि वह जो कहते हैं वह सार्वभौम सत्य है। उसे सभी को मानना चाहिए। शनि ग्रह है, अनिष्ट से बचने के लिए उनकी पूजा करनी चाहिए। पूजन से शांति होती है। उन्होंने शनि शिंगणापुर, त्र्यंबकेश्वर मंदिर के गर्भ में महिलाओं के प्रवेश पर रोक पर कहा कि प्रवेश कौन करेगा या कौन नहीं यह तय करना शंकराचार्यों का काम है।

मानव कल्याण के तीनों आश्रम ज्योतिष पीठ में विलय

The center of the trench mouth: Jagadguru
शंकराचार्य स्वरूपानंद - फोटो : AmarUjala

श्री मानव कल्याण आश्रम कनखल हरिद्वार और इससे संबंधित आश्रम अहमदाबाद और बदरीनाथ के आश्रमों को ज्योतिष पीठ में विलय कर दिया गया है। स्वामी कल्याणानंद महाराज ने बताया कि उन्होंने और ब्रह्मलीन पूज्य संन्यासिनी ललितांबा माता ने आश्रमों की स्थापना की थी।

वह सन 1951 से अब तक सेवा करते रहे। इस अवसर पर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि मठों और आश्रमों का उद्देश्य लोक कल्याणकारी कार्य करने का है। वह किसी विवाद में न पड़कर उन्हें बखूबी निभाया है। वह ऐसे हाथों में न जाए जिन्हें परंपरा की जानकारी न हो। कहा कि यदि मनुष्य का मन ठीक है तो स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा। इस अवसर पर दंडी स्वामी सदानंद सरस्वती, दंडी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, सदाशिव सरस्वती, ब्रह्मऋषि कुमार स्वामी, सुबोधानंद, ब्रहमचारी विद्यानंद, श्रीधरानंद, श्रवणानंद, शाहजहांनंद, शारदानंद, विशुद्धानंद महाराज आदि शामिल हुए।

शंकराचार्य से डीएम ने लिया आशीर्वाद
कनखल स्थित मठ में डीएम हरबंस सिंह चुघ ने शंकराचार्य से आशीर्वाद लिया। डीएम ने उनका हाल चाल जाना और सकुशलता की कामना की। इनसे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी और हरिद्वार से सहायक सूचना निदेशक मनोज श्रीवास्वत ने आशीर्वाद लिया।

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